एनसीसी ग्रुप मुख्यालय ग्वालियर के तत्वाधान में 3 म.प्र. नेवल यूनिट एनसीसी ग्वालियर द्वारा दस दिवसीय बार्षिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन विद्या भवन पब्लिक स्कूल ग्वालियर पर किया जा रहा है। जिसमें सीनियर वर्ग के लगभग 160 एनसीसी कैडिट उत्साह पूर्वक भाग ले रहे है। कैडिटों को आगामी प्रमाण पत्र परीक्षा में शामिल होने के लिए एक शिविर पूर्ण करना अनिवार्य होता है।
शिविर के द्वितीय दिवस पर दैनिक गतिविधियों के अंतरगर्त प्रातःकाल शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) का आयोजन किया गया जिसमें सभी कैडिटों ने हिस्सा लिया, जिसके माध्यम से उन्हें शारीरिक रूप से सक्षम एवं अनुशासित बनाए जाने पर विशेष बल दिया गया। शारीरिक प्रशिक्षण उपरांत सभी कैडिटों ने सामूहिेक रूप से पौष्टिक एवं संतुलित नाश्ता ग्रहण किया।
इसके पश्चात डिप्टी कैम्प कमांडेन्ट एन.के. झा द्वारा आपदा प्रबंधन पर व्याख्यान दिया गया जिसमें उन्होने बताया कि आपदा प्रबंधन वह प्रक्रिया है जिसके अंतरर्गत प्राकृृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने तथा जन-धन की सुरक्षा हेतु योजनाबद्व तरीकें से कार्य किए जाते है। इसका उद््देश्य जीवन की रक्षा करना, राहत कार्याें को प्रभावी बनाना तथा सामान्य स्थिति को शीघ्र बहाल करना है। स. ले. जोगिन्दर, सहायक एनसीसी अधिकारी द्वारा एनसीसी बिल्डिंग ब्लाॅक पर व्याख्यान दिया गया जिसमें उन्होने एनसीसी की संरचना के बारे में विस्तार से समझााया।
तदनुसार स.ले. सचिन पाल, सहायक एनसीसी अधिकारी एवं म.प्र. तैराकी संघ के सचिव तथा म.प्र. के बेस्ट स्विमर जिनको लगभग 25 बर्ष स्विमिंग का अनुभव है के निर्देशन में समस्त कैडिटों का स्विमिंग टेस्ट लिया गया एवं जो कैडिट तैराकी में कमजोर थे उनको अगले नो दिन स्विमिंग का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इसके पश्चात कैम्प कमांडेन्ट कमांडर-एट-आम्र्स दीपक सिंह भदौरिया ने सभी कैडिटों को संबोधित किया अपने संबोधन में उन्होने बताया कि शिविर एनसीसी प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसका उद्वेश्य कैडेटों के सर्वागीण विकास को सुनिश्चित करना होता है। उन्होने आगे कहा कि इस शिविर के माध्यम से कैडिटों को अनुशासन, नेतृृत्व क्षमता, टीम भावना तथा आत्मनिर्भरता का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। उन्होने शिविर के महत्व को बताते हुए कहा कि शिविर के दौरान कैडिटस नियमित दिनचर्या, डिल, व्यक्तितत्व विकास, सामूहिक जीवन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं विभिन्न नेतृृत्व संबंधी गतिविधियों मंे भाग लेते है। इससे समय प्रबंधन, निर्णय लेने की क्षमता तथा कठिन परिस्थितियों में कार्य करने का आत्मविश्वास विकसित होता है एवं प्रशिक्षण शिविर आपसी सेवाभाव से जोडता है।
कैम्प कमांडेन्ट के संबोधन के उपरांत विभिन्न प्रशिक्षण कक्षाओे का आयोजन किया गया जिसमें सभी कैडिटों को पीओ गौरव शर्मा तथा पीओ बावूलाल के देखरेख में ड्रिल की प्रेक्टिस कराई गई। इसके पश्चात पीओ विजय शर्मा के द्वारा सीमाफोर की कक्षा आयोजित की गई जिसमें उन्होने बताया कि किस प्रकार नौसैनिक हाथ में झंडे लेेकर या किसी उपकरण से विशेष संकेत देकर संदेश भेजता है। इसके साथ ही सीपीओ साहिल ठाकुर द्वारा नेवीगेशन की कक्षा ली गई जिसमें उन्होने बताया कि जब कोई नौसैनिक जहाज को चलाता है तब उसको दिशा कैसे दी जाती है, एवं नाविक उपकरणो का उपयोग किस प्रकार किया जाता है।
स.ले. सचिन पाल, सहायक एनसीसी अधिकारी का शिविर को व्यवस्थित कराने में महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिविर में मुख्य रूप से नेवल यूनिट के सहायक एनसीसी अधिकारी स.ले. नरोत्तम निर्मल, स.ले. जोगिन्दर, स.ले. साधना यादव, केयरटेकर डाॅ हरेन्द्र गुर्जर उपस्थित रहे एवं सीआई साहिल ठाकुर, पीओ गौरव शर्मा, पीओ विजय शर्मा, पीओ जी. अविनाश, पीओ पी.एस. डागुर, पीओ शिवराज, पीओ संगजीत, पीओ रूपेश गौतम, पीओ बाबूलाल तथा समस्त राजकीय कर्मचारियों ने शिविर संचालन में अपने कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।