जब बुद्धि शुद्ध हो जाये तो मांगा नहीं जाता: अविरल कृष्ण
हनुमंत मण्डल सेवा समिति द्वारा आयोजित शिवमहापुराण कथा के सप्तम दिवस द्वादश ज्योतिर्लिंग की महिमा एवं स्थापना का बर्णन करते हुए वताया कि भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने बाले भवसागर से पार हो जाते हैं। सोमनाथ स्थापना की कथा सुनाते हुए कहा दक्ष प्रजापति के २७ कन्या का विवाह चन्द्रमा से किया। चन्द्रमा बहुत सुंदर था।जो सुन्दर हो उसे सुन्दरता का अभियान हो जाता है। परन्तु भगवान की सुन्दरता के सामने संसार की सुन्दरता कुछ भी नहीं है। भगवान और सदगुरु किसी में कमी नहीं देखते । चन्द्रमा अपनी सभी पत्नीयों में रोहिणी को अधिक प्यार करते थे।इस बात से नाराज़ अन्य पत्नियां अपने पिता दक्ष प्रजापति के घर आकर चन्द्रमा की शिकायत करती है। माता बहनों से निवेदन करते हुऐ बताया कि ससुराल में कुछ भी ऊंचा नीचा हो जाये माता पिता को नहीं बताया चाहिए। बल्कि अपने व्यवहार से सब का दिल जीत लेना चाहिए अभिमानी व्यक्ति की बात नहीं मानने पर कोधित हो जाता है।
दक्ष प्रजापति ने चन्द्रमा को क्षय रोगी होने का श्राप दे दिया । चन्द्रमा मन का देवता है कुण्डली में जब नीचे का हो मनुष्य की बुद्धि भ्रमित कर देता है। श्राप के कारण चन्द्रमा का क्षरण हो गया तब देवताओं ने शिव से प्रार्थना की चन्द्रमा को कष्ट से मुक्ति की प्रार्थना की भगवान ने महामृत्युंजय का जाप करने को कहा, महामृत्युंजय मंत्र में इतनी शक्ति है। मृत्यु शय्या पर पड़े व्यक्ति के लिये का जाप किया जाये तो व्यक्ति की सांस भी वापिस आ जाती है।मंञ जाप के भी १२ नियम होते हैं।पर कुछ का पालन तो अवश्य करना चाहिए। धरती पर अपने आसन पर बैठकर जप करें। असाध्य कुर्सी पर अपना आसन बिछा कर करें। अपनी माला हो। शिव मंत्र रूद्राक्ष की माला से करना चाहिए। चन्द्रमा की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शंकर दौज (द्वितीया) प्रगट हुए इसी लिए दौज के चन्द दर्शन का बड़ा महत्व है। चन्द्रमा की प्रार्थना पर सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना हुई। तथा चन्द सरोवर का उदय हुआ। असाध्य से असाध्य रोग भी चन्द सरोवर में स्नान करने से दूर होते हैं|
मनुष्य की भगवती कृपा से बुद्धि सुधर जाती है।जब उसे संसार की वस्तु अच्छी नहीं लगती। ईश्वर सम्मुख हो वरदान मांगने को कहें तो मनुष्य प्रभू भक्ति के सिवाय और कुछ मांग ही नहीं पाता। शनिवार को सुबह हवन, तथा सांयकाल,६ बजे से हरि इच्छा तक भण्डारा प्रसादी होगी।। पूज्य व्यास की का सम्मान समिति की ओर से गोकुल बंसल, श्याम बंसल, संतोष अग्रवाल, प्रदीप मितल, वीरेंद्र गुप्ता यजमान परिवार, मनीष गोयल छोटे,संजय संदीप अग्रवाल प्रमोद गर्ग, दिलीप सिंघल, आदि ने किया