आईटीएम ग्वालियर में ‘ओपन एजुकेशन रिसोर्सेज‘ विषय पर हुआ विशेष व्याख्यान का आयोजन


- ओईआर प्लेटफाॅर्म से शिक्षा अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनती हैः प्रोफेसर हुसैन जीवाखान

ग्वालियर ।  आईटीएम ग्वालियर के बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज विभाग और इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) के संयुक्त तत्वावधान में ‘ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज-नवाचार और गुणवत्ता शिक्षा की दिशा में‘ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। जहां विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रोफेसर हुसैन जीवाखान (भौतिकी विभाग, नेशनल टीचर्स ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) शामिल हुए। इस अवसर पर आईटीएम ग्वालियर के डीन अकेडमिक डाॅ. एसएस चौहान, आईआईसी के अध्यक्ष डाॅ. शाहिद अमीन, डीन रिसर्च डाॅ. दीपेश भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के डीन, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

ओईआर प्लेटफाॅर्म से शिक्षा अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनती हैः प्रोफेसर हुसैन जीवाखान
आईटीएम ग्वालियर के बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमेनिटीज विभाग और आईआईसी द्वारा ‘ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज-नवाचार और गुणवत्ता शिक्षा की दिशा में‘ विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान के दौरान विशेषज्ञ और मुख्य वक्ता प्रोफेसर हुसैन जीवाखान ने ओपन एजुकेशन रिसोर्सेज (ओईआर) के बारे में बताते हुए कहा कि ओईआर प्लेटफाॅर्म छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षणिक सामग्री मुफ्त में उपलब्ध कराते हैं, जिससे शिक्षा अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिपाॅजिटरी, ओपन कोर्स वेयर और सहयोगात्मक शिक्षक उपकरणों की भूमिका पर प्रकाश डाला, जो पारंपरिक और आधुनिक शिक्षा प्रणालियों के बीच की दूरी को कम करने में सहायक हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में ओईआर को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि ओईआर को आत्मनिर्देशित और आजीवन सीखने को बढ़ावा देने वाला कार्यक्रम बताया। 

शोध के प्रति समर्पण, अनुशासन और नवाचार की भावना मुझे मेरे गुरु से मिलीः डीन एकेडमिक डाॅ. एसएस चौहान
व्याख्यान के दौरान आईटीएम ग्वालियर के डीन एकेडमिक डाॅ. एसएस चौहान ने कहा कि प्रोफेसर हुसैन जीवाखान मेरे लिए केवल एक शिक्षा ही नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत रहे हैं। उन्होंने बताया कि एमटेक के दौरान राजीव गांधी प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल में अध्ययन के दौरान प्रोफेसर हुसैन से न केवल विषय का गहन ज्ञान प्राप्त हुआ, बल्कि शोध के प्रति समर्पण, अनुशासन और नवाचार की भावना भी सीखने को मिली। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आज अपने गुरु प्रोफेसर हुसैन जीवाखान को मुख्यवक्ता के रूप में आमंत्रित करना मैरे लिए गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर हुसैन की शिक्षण शैली और दूरदर्शी सोच ने मेरे कॅरियर को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वहीं आईआईसी के अध्यक्ष डाॅ. शाहिद अमीन ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर हुसैन जीवाखान का औपचारिक परिचय दिया। साथ ही उन्होंने आईआईसी की भूमिका को नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण बताया।

छात्र-छात्राओं ने पूछे प्रश्न, अतिथि ने दिए जवाब
आईटीएम ग्वालियर के बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमेनिटीज विभाग और आईआईसी द्वारा आयोजित विशेष व्याख्यान के अवसर पर छात्र-छात्राओं और संकाय सदस्यों ने पूरे उत्साह और सक्रियता के साथ भाग लिया। व्याख्यान के पश्चात आयोजित संवादात्मक सत्र में प्रतिभागियों ने ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज, डिजिटल प्लेटफाॅम्र्स और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। जिनका अतिथि और विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर हुसैन जीवाखान ने विस्तारपूर्वक और सरल तरीके से उत्तर दिया। इस संवाद में उपस्थित सभी प्रतिभागियों के ज्ञान को और समृद्ध किया तथा उन्हें नए दृष्टिकोण प्रदान किए। 
अंत में डीन रिसर्च डाॅ. दीपेश भारद्वाज ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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