एसडीएम लश्कर ने गिरवाई क्षेत्र की पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों का किया औचक निरीक्षण
ग्वालियर। जिले में आतिशबाजी (पटाखा) के निर्माण, भंडारण और बिक्री को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है। राज्य शासन के गृह विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत विस्फोटक अधिनियम और नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के सभी एसडीएम, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, सीएसपी, एसडीओपी और थाना प्रभारियों को लिखित में कड़े निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर ने साफ किया है कि जिले में किसी भी स्थान पर अवैध भंडारण या सुरक्षा नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के लाइसेंसधारियों की सूची रखने और हर छह महीने में उनका नियमित भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने सभी जांच अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की आतिशबाजी फैक्ट्रियों और दुकानों का तत्काल सघन निरीक्षण करें और प्रत्येक संस्थान की विस्तृत रिपोर्ट जिला कार्यालय को सौंपें। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा जारी किए गए निर्देशों के पालन में शुक्रवार को प्रशासनिक टीम ने मैदानी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में एसडीएम लश्कर नरेन्द्र बाबू यादव ने प्रशासनिक टीम के साथ शहर के गिरवाई क्षेत्र में संचालित पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मैगजीन (भंडारण स्थल) और विनिर्माण इकाइयों में सुरक्षा मानकों को परखा। एसडीएम यादव ने संचालकों को सख्त हिदायत दी कि वे विस्फोटक अधिनियमों का शत-प्रतिशत पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया की जाएगी।
पटाखा फैक्ट्रियों के लिए ये उपाय अनिवार्य
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रचिका चौहान द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार पटाखा विनिर्माण फैक्ट्रियों में मुख्य रूप से निम्नलिखित उपाय करना अनिवार्य है -
• सुरक्षा दूरी - मिक्सिंग, फिलिंग और विनिर्माण शेड के कमरों के बीच कम से कम 18 मीटर और फुलझड़ी के कमरों के बीच 9 मीटर की दूरी अनिवार्य है।
• कमरों की बनावट - हर कमरे का साइज 9 वर्गमीटर से अधिक नहीं होना चाहिए और प्रत्येक कमरे में दो दरवाजे होने चाहिए जो एक-दूसरे के आमने-सामने न हों।
• ब्लास्ट वॉल - कमरों के बीच ढाई मीटर ऊंची और 60 सेंटीमीटर मोटी सुरक्षा दीवार (ब्लास्ट वॉल) होना आवश्यक है।
• सीमित क्षमता - किसी भी कमरे में 15 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक सामग्री नहीं रखी जा सकती। इसके अलावा निर्धारित प्रपत्रों में स्टॉक का सही रिकॉर्ड रखना होगा।
आतिशबाजी दुकानों के लिए कड़े मापदंड
विस्फोटक नियम 2008 के तहत आतिशबाजी दुकानों के लिए भी कड़े नियम तय किए गए हैं -
• आबादी क्षेत्र में प्रतिबंध - आबादी वाले क्षेत्रों (रेसिडेंशियल एरिया) में पटाखों के भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी।
• दुकान की दूरी और बनावट - पटाखा दुकानें ईंट, पत्थर और कंक्रीट से बनी और सुरक्षित होनी चाहिए।
• दो दुकानों के बीच कम से कम 3-3 मीटर की दूरी होना जरूरी है और कोई भी दुकान आमने-सामने नहीं होनी चाहिए।
• बिजली और आग से सुरक्षा - दुकानों में खुले बिजली के तार प्रतिबंधित रहेंगे, सभी वायर पाइप के अंदर सील्ड होने चाहिए।
• दुकान के 15 मीटर के दायरे में कोई ज्वलनशील पदार्थ नहीं होना चाहिए और सुरक्षित दायरे में गैस लैंप या खुली बत्तियों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
• समूह की सीमा - एक समूह या बाजार में 50 से अधिक पटाखा दुकानें नहीं लगाई जा सकेंगी।