ग्वालियर । एमिटी विश्वविद्यालय में “स्वच्छता संवाद” कार्यक्रम का भव्य एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी और डिजिटल सहभागिता के माध्यम से “स्वच्छ ग्वालियर” अभियान से जोड़ना था। कार्यक्रम के दौरान पूरे सभागार में स्वच्छता के प्रति जागरूकता, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत समग्र स्वच्छता के संदेश और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर केंद्रित प्रेरणादायक संबोधनों से हुई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी शहर की पहचान केवल उसकी ऐतिहासिक धरोहरों से नहीं, बल्कि उसकी स्वच्छता, नागरिक अनुशासन और जागरूक नागरिकों से होती है। सांसद भारत सिंह कुशवाह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति किसी भी परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत होती है। यदि छात्र जागरूक होकर स्वच्छता अभियान से जुड़ें, तो ग्वालियर पूरे देश के लिए उदाहरण बन सकता है। उन्होंने युवाओं से अपने घर, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई को प्राथमिकता देने की अपील की। निगम आयुक्त संघ प्रिय ने अपने संबोधन में कहा कि ग्वालियर को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल करने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि यदि लोग छोटी-छोटी आदतों जैसे सड़क पर कचरा न फेंकना, प्लास्टिक का कम उपयोग, घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग करना, सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना और दूसरों को भी जागरूक करना, में सुधार करें तो ग्वालियर तेजी से स्वच्छता की नई मिसाल बन सकता है। स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया, कॉलेज गतिविधियों और अपने आसपास के लोगों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश फैलाएं और “स्वच्छ ग्वालियर” को जन आंदोलन बनाएं।
कार्यक्रम के दौरान नगर निगम अधिकारियों ने स्वच्छ ग्वालियर ऐप की जानकारी भी साझा की, जिसे नागरिकों की सुविधा और त्वरित शिकायत समाधान के लिए तैयार किया गया है। कुलगुरु प्रो. (डॉ.) आर एस तोमर ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने शहर में निवेश के लिए बड़ी कंपनियां का आगमन तभी होगा जब शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधरेगी। कोई भी मल्टीनेशनल कंपनी स्वच्छ शहर में ही निवेश करना पसंद करती है। स्वच्छ ग्वालियर बनने से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और ब्रेन ड्रेन की समस्या का समाधान होगा। स्वच्छता को हमारी आदत और संस्कृति का हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है। वहीं प्रो-चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल वी.के. शर्मा एवीएसएम ने अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र की पहचान है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित में सकारात्मक बदलाव का नेतृत्व करने का आह्वान किया। वाइस चांसलर प्रो. डॉ एमपी कौशिक ने स्वच्छता को खुशहाल जीवन की जरूरत बताया और कहा कि ग्वालियर वासी कचरा गाड़ी में ही कचरे को डाला करें यदि सड़क पर कचरा दिख जाए तो उसे डस्टबिन में डालें तभी हमारा शहर स्वच्छ शहर बनकर अच्छी रैंकिंग पा सकता है।
अंत में विद्यार्थियों ने “स्वच्छ ग्वालियर, स्वस्थ ग्वालियर” का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में युवाओं का उत्साह, अधिकारियों के प्रेरणादायक विचार और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश सभी के लिए प्रेरणा का केंद्र बना रहा। यह “स्वच्छता संवाद” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्वालियर को स्वच्छ, सुंदर और जिम्मेदार शहर बनाने की दिशा में एक सशक्त माध्यम साबित होगा। कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, नगर निगम के अधिकारियों के साथ विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति सराहनीय रही।