निरावली चौराहे पर कांग्रेस ने किसानों के साथ मिलकर किया चक्काजाम
- हाईवे पर एक किलोमीटर लंबा जाम लगा
- सरकार ने किसानों को सिर्फ छलने का काम कियाः सांसद जाटव
- पुलिस ने हिरासत में लेकर कांग्रेसी डीआरपी लाइन भेजे
ग्वालियर। किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस के गुरुवार को किए गए प्रदेशव्यापी चक्काजाम का असर ग्वालियर में भी देखने को मिला। नेशनल हाईवे-44 स्थित निरावली चौराहे पर हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान और पदाधिकारी सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन के चलते आगरा और झांसी मार्ग पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और किसानों की फसल एमएसपी पर खरीदने, उपार्जन केंद्रों की अव्यवस्था दूर करने तथा किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान मप्र सह प्रभारी सासंद श्रीमती संजना जाटव ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों को सिर्फ छलने का काम किया है। चुनाव आते ही बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सत्ता में आते ही किसान को भूल जाते हैं। कांग्रेस पार्टी किसानों, मजदूरों और गरीबों की लड़ाई लड़ती आई है और आगे भी लड़ती रहेगी। पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि प्रदेश का किसान आज बदहाल है। खाद के लिए लाइन, बिजली के लिए संघर्ष और फसल बेचने के लिए भटकना पड़ रहा है। भाजपा सरकार सिर्फ उद्योगपतियों की सरकार बनकर रह गई है। राज्यसभा सांसद अशोक सिंह ने कहा कि भाजपा ने किसानों को सिर्फ झूठे सपने दिखाए हैं। जब-जब भाजपा सत्ता में आई, किसानों की समस्याएं बढ़ी हैं। विधायक डॉ. सतीश सिकरवार, साहब सिंह गुर्जर, दिनेश गुर्जर एवं सुरेश राजे ने कहा कि प्रदेश का किसान आज परेशान और निराश है। भाजपा सरकार ने किसानों को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया है।
प्रदेश महासचिव प्रवीण पाठक, सुनील शर्मा एवं रश्मि पवार शर्मा ने कहा कि आज भाजपा सरकार लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव ने कहा कि आज यह आंदोलन केवल कांग्रेस का आंदोलन नहीं, बल्कि प्रदेश के हर किसान की आवाज है। कांग्रेस पार्टी किसानों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ती रहेगी। वहीं चक्काजाम के चलते एम्बुलेंस और अन्य जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हुईं। हालांकि पुलिस ने तत्काल एम्बुलेंस को जाम से बाहर निकलवाया। स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने कई बार अनाउंसमेंट कर प्रदर्शन खत्म करने की चेतावनी दी, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं हटे। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर डीआरपी लाइन स्थित अस्थायी जेल भेज दिया।