ग्वालियर। आचार्य श्रीजी पीठ सुधर्म सभा के तत्वावधान में संगीतमय श्रीमद भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ के दूसरे दिन गुढ़ी पाएगा स्थित संजय स्मृति माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में कथा व्यास आचार्य पंडित राजीव शास्त्री महाराज ने भागवत कथा का महत्व बताते हुये कहा कि एक बार स्वर्ग से अमृत कलश को लेकर देवराज इंद्र देव सभा में पहुँचे और कहा कि यह कलश लेकर भागवत कथा दें दें। शुक देव महाराज ने कहा कि यह भागवत भक्तों के लिए है जो कथा को मन से जोड़ कर सुन सके और भक्ति जागृत हो।
आचार्य राजीव जी ने गोकरण और धुंधकारी की कथा सुनाते हुये कहा कि धुंधकारी ज़ब प्रेत योनी में था उसका सामना अपने भ्राता गोकरण से हुआ। गोकरण ने प्रेत योनी से मुक्ति दिलाने को भागवत कथा का श्रवण कराया, जिससे धुंधकरण को प्रेत योनी से मुक्ति मिल गई। भागवत कथा लोगों के पाप हर लेती है जिस प्रकार अग्नि गीले वृक्ष, घी, लकड़ी को भस्म कर देती है। भागवत कथा जहाँ भी होती है भगवान सुनने आज भी अवश्य आते है। भागवत कथा में सत्य को प्राथमिकता दी है। सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में भगवान का नाम आकाश में गुंजायमान होता है। माया परमात्मा के पीछे ही रहती है। आज के समय में माया या पैसा पहले है, जिसके पास ज्यादा माया है वो भी दुखी नहीं होने पर भी दुखी है। भगवान अवतार अपने भक्तों के कष्टों को दूर करने को लेते है। सोमवार को भागवत जी की आरती वरुण एवं प्रगति ने की।