(विनय अग्रवाल)
ग्वालियर। चेंबर चुनावों में व्हाईट हाउस के अध्यक्ष पद के संभावित नामों में ट्रिपल पी का जोर हैं। इस ट्रिपल पी में से अब तीसरे ट्रिपल पी यानी प्रशांत गंगवाल की उम्मीदवारी को लेकर व्हाईट हाउस के सभी कोर ग्रुप मेंबर व संयोजक जोर लगा रहे हैं। सभी का प्रयास है कि प्रशांत गंगवाल की वाइल्ड कार्ड उम्मीदवारी तय करवाकर काका (डा. वीरेन्द्र गंगवाल) का अहसान उतारें व गंगवाल कोठी को फिर से ताकतवर बनायें।
अब तीसरे पी यानी प्रशांत गंगवाल की बात करें तो प्रशांत गंगवाल व्हाईट हाउस के सर्वेसर्वा डा. वीरेन्द्र गंगवाल के भतीजे हैं। डा. गंगवाल भी चेंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष रहे है और मप्र शासन की ओर से मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे हैं। स्वयं प्रशांत गंगवाल भी केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नजदीकी रहे है। इसी कारण कमलनाथ सरकार में सिंधिया ने उन्हें मेला प्राधिकरण अध्यक्ष बनवा दिया था। लेकिन कमलनाथ सरकार गिरने व सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफा देने के कारण वह मेले का राजयोग ज्यादा भोग नहीं सके थे। हालांकि वह सरकार गिरने के बाद भी दो तीन माह मेला अध्यक्ष बने रहे की स्थिति सम्हल जाये। पर यहीं मेला उपाध्यक्ष रहे डा. प्रवीण अग्रवाल ने सिंधिया भक्ति दिखाकर सरकार गिरने के 7वें दिन ही अपना इस्तीफा दे दिया था।
प्रशांत गंगवाल भी एक अच्छे बिजनेसमैन हैं और चेंबर राजनीति का ककहरा अपने काकाश्री से सीखे हैं। वह एक बार चेंबर के संयुक्त अध्यक्ष भी रह चुके हैं, लेकिन एक दुखद घटना में उनकी पत्नी के निधन व स्वयं के गंभीर घायल होने से ज्यादा समय दे नहीं सके थे। अब वह भी व्यापार जगत व चेंबर के लिये कुछ करने का सपना संजोये हैं। व्हाईट हाउस के कोर ग्रुप के अरविंद अग्रवाल, जीएल भोजवानी व डा. वीरेन्द्र गंगवाल का उन्हें खुला समर्थन हैं। काकाश्री डा. गंगवाल भी चाहते है कि एक बार चेंबर की कमान दौलतगंज से हटकर फालका बाजार उनके गंगवाल कोठी आ जाये तो फिर से शहर में गंगवाल कोठी का परचम लहराये। लेकिन चेंबर के पदाधिकारी व्यापारी ऐसा अध्यक्ष चाहते है, जो चेंबर को पूरा समय दे और 24 घंटे जो व्यापारियों व सदस्यों के लिये उपलब्ध रहे। इसी कारण ट्रिपल पी में वर्तमान अध्यक्ष डा. प्रवीण अग्रवाल की उम्मीदवारी को लेकर चेंबर के व्हाईट हाउस से जुड़े व्यापारी व चेंबर सदस्य आशान्वित हैं।
इस बार पुराने मसले भी उछलेंगे
चेंबर चुनावों में इस बार जिस तरह से व्हाईट हाउस, क्रियेटिव हाउस में उत्साह हैं। वह उत्साह उनके संभावित प्रत्याशियों में भी है। सभी प्रत्याशी अपने विरोधी प्रत्याशी या व्यापार में धोखा देने वाले कुछ चेंबर पदाधिकारियों की कुंडली लिये बैठे हैं। ऐसी संभावना है कि यह कुंडलियां चुनावों से पहले समाचार जगत व सोशल मीडिया की सुर्खियां भी बने। इसी कारण दोनों हाउसों के कोर ग्रुप साफ सुथरी छवि और विवादों से दूर रहने वाले चेंबर के वरिष्ठ सदस्यों को ही उम्मीदवारी देने की प्लानिंग में हैं।