आयोजन किया गया कार्यक्रम में शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय दतिया की प्राध्यापक श्रीमती ममता शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जबकि अध्यक्षता प्रोफेसर कुसुम भदोरिया ने की अपने उद्बोधन में ममता शर्मा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन कानून महिलाओं और पुरुषों को शिक्षा स्वास्थ्य कार्य स्थल और निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान अधिकार प्रदान करता है यह एक मौलिक अधिकार भी है जो रूढ़िवादिता को खत्म करता है कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर कुसुम भदोरिया ने कहा कि आज हमारे यहां समान कार्य के लिए समान वेतन मिल रहा है जो सामाजिक आर्थिक प्रगति का सूचक है शासन ने लैंगिक आधार पर होने वाले रूढ़िवादी व्यवहार और हिंसा कार्य स्थल पर उत्पीड़न समाप्त करना है कार्यक्रम में प्रोफेसर विभा दुर्रवा प्रोफेसर रवि रंजन डॉ दीपक शर्मा शशि कला राठौड़ मौजूद थे कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर © Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur