एआई समिट 2026 का भव्य शुभारंभ: नवाचार, तकनीक और भविष्य की दिशा पर हुआ मंथन
एआई समिट 2026 का भव्य शुभारंभ: नवाचार, तकनीक और भविष्य की दिशा पर केंद्रित पहला दिन
स्थान: अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान (ABV-IIITM), ग्वालियर
एआई समिट 2026 का प्रथम दिन आज अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में प्रारंभ हुआ। इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन प्रतिष्ठित अतिथियों, उद्योग विशेषज्ञों और शिक्षाविदों की उपस्थिति में किया गया।
उद्घाटन समारोह
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। डॉ. अनिल, श्री श्याम अग्रवाल, प्रो. एस.एन. सिंह, प्रो. अनुराग श्रीवास्तव और प्रो. अजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर समिट का उद्घाटन किया। इंजीनियरिंग साइंसेज विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनुराग श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर AI Summit 2026 की स्मारिका/पुस्तक का भी विमोचन किया गया।
प्रमुख तकनीकी सत्र
अंतरिक्ष अनुसंधान: मुख्य अतिथि डॉ. अनिल भारद्वाज ने चंद्रयान-1, 2 और 3 के माध्यम से वैज्ञानिक प्रगति और अनुसंधान की भूमिका पर प्रकाश डाला।
उद्योग और नवाचार: श्री मोहित वर्मा (ग्वालियर मैनेजमेंट एसोसिएशन) ने डेटा ऑटोमेशन और स्वदेशी मॉडल विकसित करने पर बल दिया।
इन्क्यूबेशन सेंटर: डॉ. मनोज कुमार दाश ने टेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (TIIC) के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की जानकारी दी।
कृषि (Digital Harvest): डॉ. संजय के. शर्मा ने बताया कि IoT खेती की "आंख और कान" है, मशीन लर्निंग "मस्तिष्क" है और AI "निर्णय लेने वाला" है।
पर्यटन एवं ऊर्जा: डॉ. चन्द्रशेखर बराउ ने पर्यटन क्षेत्र और प्रो. एस.एन. सिंह ने ऊर्जा एवं पर्यावरण की चुनौतियों पर अपने विचार रखे।
निर्माण क्षेत्र: श्री मोहित वर्मा (चेयरमैन, AIMA YLC) ने भारत के निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के डिजिटल परिवर्तन पर व्याख्यान दिया।
सहभागिता और समापन
प्रथम दिन का समापन एक पैनल चर्चा के साथ हुआ जिसमें प्रो. अनुराग श्रीवास्तव, डॉ. जीवराज एस., डॉ. यशवंत सिंह पटेल और डॉ. रोहित कुमार ने प्रतिभागियों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में लगभग 130 प्रतिभागियों ने पोस्टर प्रस्तुतियों और हैकाथॉन के माध्यम से भाग लिया। दिन के अंत में वैलिडिक्टरी फंक्शन एवं अवॉर्ड सेरेमनी आयोजित की गई। यह जानकारी संस्थान की मीडिया प्रभारी दीपा सिंह सिसोदिया के द्वारा प्रदान की गयी।