ABV-IIITM के युवा संस्थापकों ने बढ़ाया संस्थान का गौरव, इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया सम्मानित
*ग्वालियर / नई दिल्ली, : अटल बिहारी वाजपेयी–भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान (ABV-IIITM), ग्वालियर के लिए यह गौरवपूर्ण उपलब्धि है कि संस्थान के तीन युवा संस्थापकों — वैभव तिवारी, अक्षत दुबे और कार्तिकेय अवस्थी — को नई दिल्ली के यशोभूमि, द्वारका में 6 से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में माननीय केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया द्वारा सम्मानित किया गया।
इस उपलब्धि के साथ ही, तीनों संस्थापकों ने अपने स्वतंत्र प्रोजेक्ट ‘MAYA’ के लिए देशव्यापी 5G DoT हैकाथॉन 2026 के शीर्ष 50 विजेताओं में स्थान प्राप्त किया। यह परियोजना एक ही ड्रोन के माध्यम से रडार पर ड्रोन के झुंड जैसी आभासी पहचान उत्पन्न कर रडार को भ्रमित करने की तकनीक की संभावनाओं का अध्ययन करती है।
प्रारंभ में डॉ. महेंद्र शुक्ला के मार्गदर्शन में एक अकादमिक परियोजना के रूप में विकसित MAYA को बाद में प्रो. आदित्य त्रिवेदी के मार्गदर्शन में बी.टेक. थीसिस के रूप में आगे बढ़ाया गया। यह परियोजना लोंगेवाला के युद्ध और ऑपरेशन सिंदूर से प्रेरणा लेती है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में प्रदर्शित इस परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में आगे के विकास एवं मार्गदर्शन के लिए संबंधित अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हुआ है।
तीनों युवा संस्थापकों को उनके स्टार्टअप Sangillence Private Limited के लिए भी पहचान मिली। यह स्टार्टअप मानव बुद्धिमत्ता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के समन्वय पर आधारित नवाचारों को विकसित कर रहा है। इसका प्रमुख उत्पाद ‘NaiviSense’ विशेष शैक्षिक आवश्यकताओं वाले बच्चों के लिए विकसित एक थेरेपी इंटेलिजेंस एप्लिकेशन है। यह AI-सक्षम विश्लेषण और Human-in-the-Loop (HITL) दृष्टिकोण के माध्यम से अभिभावकों, चिकित्सकों और देखभाल केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा बच्चों के लिए व्यक्तिगत विकास एवं थेरेपी संबंधी निर्णयों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य करता है। स्टार्टअप को प्रो. अनुराग श्रीवास्तव का मार्गदर्शन प्राप्त है।
यह उपलब्धि ABV-IIITM ग्वालियर में विकसित हो रही नवाचार, उद्यमिता और बहुविषयक अनुसंधान की भावना को दर्शाती है। तीनों युवा संस्थापकों की सफलता इस बात का उदाहरण है कि किस प्रकार युवा प्रतिभाएँ तकनीकी नवाचार के माध्यम से सामाजिक आवश्यकताओं और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने की दिशा में योगदान दे सकती हैं।
इन युवा संस्थापकों का लक्ष्य मानव क्षमताओं और AI-आधारित गणनात्मक शक्ति का उपयोग करते हुए मूल्यांकन, संज्ञानात्मक परीक्षण तथा मानव–AI समन्वय के लिए वैश्विक स्तर का डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना है, जिससे तकनीक के माध्यम से व्यापक सामाजिक और राष्ट्रीय प्रभाव उत्पन्न किया जा सके। यह जानकारी संस्थान ABV-IIITM ग्वालियर की मीडिया प्रभारी दीपा सिंह सिसोदिया द्वारा दी गई है।