गौतम अदाणी और डॉ. प्रीति अदाणी नवरात्रि के दौरान पहुंचे श्रीमद् राजचंद्र आश्रम, सेवा और साधना के संकल्प को दी नई मजबूती

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी और अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने नवरात्रि के दौरान रविवार को दक्षिण गुजरात स्थित श्रीमद् राजचंद्र मिशन धरमपुर (SRMD) का दौरा किया। इस दौरान दोनों ने पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया।
गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा, "प्रीति और मैंने श्रीमद् राजचंद्र आश्रम, धरमपुर में पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी के साथ आत्मीय पल बिताए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीमद् राजचंद्रजी की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा पर चरण प्रक्षालन करना मेरे लिए बेहद भावुक और आध्यात्मिक अनुभव रहा।"
मुलाकात के दौरान पूज्य गुरुदेवश्री ने कहा कि साधना और सेवा एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीवन, संसाधनों और अवसरों का उपयोग समाज की व्यापक भलाई के लिए किया जाना चाहिए।
गौतम अदाणी और डॉ. प्रीति अदाणी ने मिशन के ध्यान एवं आध्यात्मिक प्रवचन केंद्र 'राज सभागृह' में आयोजित सत्संग में भी हिस्सा लिया। इस दौरान पूज्य गुरुदेवश्री ने मानव जीवन के उद्देश्य और आध्यात्मिक साधना के महत्व पर अपने विचार रखे। गौतम अदाणी ने मिशन से जुड़े युवाओं से भी बातचीत की। इनमें अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि के छात्र और पेशेवर शामिल थे, जो विभिन्न सामाजिक पहलों में योगदान दे रहे हैं।

डॉ. प्रीति अदाणी ने 'श्रीमद् राजचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वुमन' का दौरा किया। यहां उन्होंने कौशल विकास, आजीविका और उद्यमिता से जुड़े कार्यक्रमों का लाभ उठा रहीं आदिवासी महिलाओं से बातचीत की। इसके अलावा, उन्होंने श्रीमद् राजचंद्र हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का भी दौरा किया और दिव्यांग बच्चों को चिकित्सा सहायक उपकरण वितरित करने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मिशन के जिनमंदिर में उन्होंने भगवान महावीर की पूजा-अर्चना भी की।
इस दौरान गौतम अदाणी ने मिशन की मानव सेवा इकाई 'श्रीमद् राजचंद्र लव एंड केयर' (SRLC) के साथ संभावित सहयोग की संभावनाएं तलाशने में रुचि दिखाई। वहीं, डॉ. प्रीति अदाणी ने मिशन की दृष्टि देखभाल (विजन केयर) पहल में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। यह पहल अदाणी फाउंडेशन के कार्यों के अनुरूप है। 355 एकड़ में फैला श्रीमद् राजचंद्र आश्रम, मिशन का अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय है। पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी ने वर्ष 1994 में इस मिशन की स्थापना की थी। आज छह महाद्वीपों में इसके 142 से अधिक केंद्र हैं।
यह मिशन जैन आध्यात्मिक गुरु श्रीमद् राजचंद्रजी की शिक्षाओं से प्रेरित है, जिन्हें महात्मा गांधी अपना आध्यात्मिक मार्गदर्शक मानते थे। मिशन की शिक्षाओं का केंद्र ज्ञान, ध्यान और निस्वार्थ सेवा के माध्यम से आंतरिक परिवर्तन लाना है। मिशन की मानव सेवा इकाई 'श्रीमद् राजचंद्र लव एंड केयर' स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, मानवीय सहायता, पशु कल्याण और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में काम करती है। इसकी पहलों से दुनियाभर में लाखों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस वर्ष की शुरुआत में गौतम अदाणी ने अयोध्या, कोलकाता के कालीघाट और उत्तर गुजरात के तारंगा हिल्स स्थित जैन तीर्थस्थल का भी दौरा किया था। इसके अलावा, 1 मई को अपनी शादी की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर उन्होंने डॉ. प्रीति अदाणी के साथ केदारनाथ धाम के दर्शन किए थे।

posted by Admin
33

Advertisement

sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
Get In Touch

Padav, Dafrin Sarai, Gwalior (M.P.)

98930-23728

sandhyadesh@gmail.com

Follow Us

© Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur

<1-------Google-aNALY-------->