आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर का सहभागिता एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


- कार्यक्रम का उद्देश्य साथ, स्नेह, सम्मान और अधिकार के प्रति जागरूक करना थाः डीन प्रो. डाॅ. शोभा भारद्वाज

- छात्र-छात्राओं ने वरिष्ठजनों के साथ किया आत्मीय एवं सम्मानपूर्ण संवाद

- वरिष्ठजनों का किया सम्मान, कंबल और आवश्यक सामग्री वितरित की

- वरिष्ठ नागरिकों को विधि अधिकारों के प्रति किया जागरूक

ग्वालियर । आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ लाॅ के अंतर्गत प्रो बोनो क्लब (न्याय बंधु योजना) द्वारा ग्वालियर शहर के गुड़ागुड़ी का नाका स्थित स्वर्ग सदन में सामुदायिक सहभागिता एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्कूल आफ लाॅ की डीन प्रोफेसर डाॅ. शोभा भारद्वाज के मार्गदर्शन एवं समन्वय में आयोजित कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर एवं प्रो बोना संकाय प्रभारी अंकुर श्रोत्रिय द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रोफेसर डाॅ. वीके श्रोत्रिय, स्वर्ग सदन संचालनकर्ता विकास गोस्वामी एवं उनकी टीम, स्कूल आफ लाॅ के प्रोफेसर, असिस्टेंट एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और संकाय के छात्र-छात्राएं विशेष रूप से शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्देश्य साथ, स्नेह, सम्मान और अधिकार के प्रति जागरूक करना थाः डीन प्रोफेसर डाॅ. शोभा भारद्वज
शहर के स्वर्ग सदन में आयोजित सामुदायिक सहभागिता एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम में आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ लाॅ की डीन प्रोफेसर डाॅ. शोभा भारद्वाज ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठजनों की गरिमा , सम्मान, साथ एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करना तथा वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध संवैधानिक एवं वैधानिक संरक्षण के संबंध में जागरूकता उत्पन्न करना था। इसके साथ ही विधि के छात्र-छात्राओं का समुदाय-आधारित विधिक जागरूकता का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था। इस आयोजन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध संवैधानिक एवं वैधानिक संरक्षण के संबंध में जागरूकता उत्पन करना, विधि के छात्र-छात्राओं में संवदना, संवाद-कौशल एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना रहा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने से वरिष्ठजनों के सम्मान, गरिमा, अधिकार, देखभाल एवं सामाजिक समावेशन का संदेश और अधिक सशक्त हुआ। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को समाज के वृद्ध एवं संवेदनशील वर्ग के प्रति संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया।
छात्र-छात्राओं ने वरिष्ठजनों के साथ किया आत्मीय एवं सम्मानपूर्ण संवाद
आयोजित सामुदायिक सहभागिता एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम में आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ लाॅ में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने स्वग्र सदन के निवासियों के साथ आत्मीय एवं सम्मानपूर्ण संवाद किया। उन्होंने वरिष्ठजों के अनुभवों चिंताओं दैनिक जीवन से संबंधित बातों को ध्यानपूर्वक सुना तथा उनके साथ सार्थक समय बिताया। विद्यार्थियों ने संवाद, सेवा-कार्य, भोजन वितरण, विधिक जागरूकता तथा अन्य कार्यक्रमगत गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस सहभागिता से विद्यार्थियों को संवेदना, सामुदायिक जुड़ाव, सेवा तथा न्याय तक पहुंच की व्यावहारिक समझ प्राप्त हुई।
वहीं कार्यक्रम में स्वर्ग सदन संचालनकर्ता विकास गोस्वामी एवं उनकी टीम द्वारा विद्यार्थियों को वृद्ध एवं निराश्रित व्यक्तियों की सामाजिक एवं देनिक परिस्थितियों, उनकी आवश्यकताओं तथा उनके लिए किए जा रहे सेवा एवं कल्याणकारी कार्यों के संबंध में जानाकरी प्रदान की गई। टीम ने स्वर्ग सदन में की जा रही सहायता एवं सेवा-प्रयासों से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया। इस संवाद से छात्र-छात्राओं को वरिष्ठ नागरिकों की वास्तविक सामाजिक परिस्थितियों तथा समुदाय-आधारित देखभाल एवं सेवा से महत्व को निकट से समझने का अवसर मिला।
वरिष्ठजनों का किया सम्मान, कंबल और आवश्यक सामग्री वितरित की
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ लाॅ के अंतर्गत प्रो बोनो क्लब (न्याय बंधु योजना) द्वारा स्वर्ग सदन में आयोजित कार्यक्रम में आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर द्वारा वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया। इस दौनान वरिष्ठजनों को कंबल के साथ अवश्यक सामग्री प्रदान की गई। यह गतिविधि सम्मान एवं गरिमा के साथ की गई और प्रो बोनो क्लब के सामादायिक सेवा संबंधी उद्देश्या का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। स्कूल आफ लाॅ के छात्र-छात्राओं ने स्वर्ग सदन के निवासियों को भोजन भी परोसा तथा सेवा कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाई।
वरिष्ठ नागरिकों को विधि अधिकारों के प्रति किया जागरूक
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ लाॅ के अंतर्गत प्रो बोनो क्लब द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने वरिष्ठ नागरिकों को संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों और सरंक्षणों की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने अनुच्छे 14- विधि के समक्ष समानता तथा विधियों के समान संरक्षण का अधिकार। अनुच्छे 21- जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण तथा न्यायालयों द्वारा मान्य गरिमापूर्ण जीवन आयाम। अनुच्छेद 41- राज्य की आर्थिक क्षमता विकास की सीमाओं के अधीन वृद्धावस्था सहित कुछ परिस्थितियों में सार्वजनिक सहातय के संबंध में राज्य के लिए निदेशक सिद्धांत।  माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण एवं कल्याण अनिधिनियम 2007 माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण एवं कल्याण तथा उपेक्षा, परित्याग और कुछ संपत्ति अंतरणों से संबंधित संरक्षणों का वैधानिक ढांचा। और एल्डरलाइन 14567- वरिष्ठ नागरिकों के लिए सूचना मार्गदर्शन, सहायता तथा आवश्यकतानुसार संदर्भ सेवा उपलब्ध कराने वाली राष्ट्रीय हेल्पलाइन के बारे में जानकारी प्रदान की।

स्कूल आफ लाॅ, आईटीएम के छात्र-छात्राओं का स्वर्ग सदन का यह भ्रमण एक सार्थक प्रो बोनो एवं सामुदायिक सहभागिता पहल रहा। इसने इस सिद्धांत को सुदृढ़ किया कि विधि शिक्षा का संबंध सााजिक उत्तरदायित्व एवं न्याय तक पहुंच से प्रत्यक्ष रूप से जुडत्रा होना चाहिए। कार्यक्रम का समापन समुदाय केंद्रित विधिक जागरूकता सेवा गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ।
 
 


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