साइबर फ्रॉड व ऑनलाइन गैम्बलिंग के फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश
- वेबसाइट पर खिलाते थे गेम्स, पांच आरोपी गिरफ्तार
ग्वालियर। साइबर क्राइम विंग ने ऑनलाइन गैम्बलिंग और साइबर फ्रॉड के जरिए रोजाना लाखों रुपए का अवैध कारोबार चलाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरवाई स्थित सांवरिया धाम के एक किराए के मकान में दबिश देकर गिरोह के ठगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फेयरप्ले-1.काम वेबसाइट के जरिए लोगों को ऑनलाइन गेमिंग का सट्टा खिलाता था। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से 01 लैपटॉप, 02 टैबलेट एवं 19 मोबाइल फोन, 17 एटीएम कार्ड, 04 पासबुक, 09 चेकबुक, 38 सिमकार्ड व अन्य सामग्री बरामद हुई हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट के जरिए साइबर फ्रॉड व लाखों रुपये के लेनदेन का कार्य करने वाले पांच आरोपियों राजा रायकवार पुत्र संतोष रायकवार उम्र 19 वर्ष निवासी गली नं. 01 सीपरी बाजार झाँसी उप्र, नीलेश रावत पुत्र राजेन्द्र रावत उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम घुघसी पोस्ट ओरिना थाना बडौनी जिला दतिया, पंकज पाल पुत्र बलराम पाल उम्र 18 वर्ष निवासी ग्राम सड तहसील करैरा थाना करैरा जिला शिवपुरी, रानू रावत पुत्र अजमेर रावत उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम धमधौली पोस्ट वहगवाँ थाना सीहोर जिला शिवपुरी और उदय चौहान पुत्र नरेन्द्र सिंह चौहान निवासी माता वाली गली सावंरिया धाम फेस 1 ग्वालियर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि माता वाली गली सावरिया धाम फेस 01 गिरवाई स्थित मकान में साइबर फ्रॉड और फर्जी म्यूल बैंक अकाउंट खरीदने-बेचने का काम चल रहा है। इस सूचनस पर डीएसपी अपराध नागेन्द्र सिंह सिकरवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच अमित शर्मा व साइबर क्राइम विंग प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह कुशवाह के द्वारा साइबर क्राईम विंग की टीम को मुखबिर के बताये स्थान पर कार्यवाही करने हेतु भेजा गया। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी तो कमरे में 5 युवक लैपटॉप और टैबलेट पर काम करते मिले। पुलिस ने उन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजा रायकवार, नीलेश रावत, पंकज पाल (18), रानू रावत (19) और उदय चौहान के रूप में हुई। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से 01 लैपटॉप, 02 टैबलेट एवं 19 मोबाइल फोन, 17 एटीएम कार्ड, 04 पासबुक, 09 चेकबुक, 38 सिमकार्ड व अन्य सामग्री मिली।
पुलिस ने जब पकड़े गये आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि हम फेयरप्ले-1.कॉम नामक वेबसाईट पर ऑनलाईन गैंबलिंग, गैम व सायबर फ्रॉड का कार्य करते हैं जिसका मोबाईल व लैपटॉप के माध्यम से पैसे का लेनदेन का कार्य किया जाता है। पैसा मंगाने के लिए हमें म्यूल बैंक अकांउट, मोबाईल फोन्स, सिम, लैपटॉप, टैबलेट आदि सामग्री उदय चौहान पुत्र नरेन्द्र सिंह चैहान, संजय रावत पुत्र सोवरन रावत निवासी घुघसी पोस्ट ओरिना थाना बडौनी जिला दतिया के द्वारा उपलब्ध कराये जाते थे और यह मकान उदय चौहान का है। आरोपियों ने बताया कि संजय रावत का मुख्य कार्य अन्य लोगों के दस्तावेजों पर इस फ्रॉड कार्य हेतु सिम उपलब्ध कराना होता था व संजय रावत द्वारा ऐसे लोगों को तलाश किया जाता था जो कमीशन पर अपने बैंक खाते बेचते हैं, फेयरप्ले-1.कॉम वेबसाइट से डिपोजिट व विड्रॉल का कार्य किया जाता है। फेयरप्ले-1.कॉम वेबसाईट पर ट्रॉन्जेक्सन दिखता था जिसको हम मोबाईल में ऐड बैंक खाते में चेक करते थे कि पैसा आया है या नही और यदि पैसा बैंक खाते में आ जाता था तो हम बैवसाईड पर एक्सेप्ट कर लेते थे। हम पैसे मंगाने के लिए अलग-अलग बैंक खातों को उपयोग करते थे। व्हाट्सअप के माध्यम से हमें खाते नम्बर मिलते थे जिनमें पैसा ट्रांसफर करने की जानकारी उदय चैहान और ऊपर लाईन से व्हाट्सअप के माध्यम से बताई जाती थी।
हर माह करीब 05-06 करोड़ रुपये का लेन देन जो कि सालभर में लगभग 60 करोड़ का किया जाता है, जो बैंक खाते उदय चौहान व संजय रावत के द्वारा लाये जाते थे। वह अलग-अलग लोगों के फर्जी खाते होते है जो लेन देन करने के बाद 2-3 दिनों में बंद हो जाते है। इन बैंक खातों में ऑनलाईन गैमिंग और सायबर फ्रॉड का पैसा आता है। इस वेबसाइट पर लोग हारजीत का दांव लगाते हैं और लगाये गये पैसे को ऑनलाईन ठगी के माध्यम से संजय और उदय द्वारा उपलब्ध कराये गये बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया करते थे व रजिस्टर में इसका लेखा जोखा किया जाता हैं। जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सरगना उदय सिंह चौहान और संजय रावत हैं। उदय करीब 3 महीने पहले पत्नी के साथ दिल्ली चला गया था। वह वहीं से एटीएम के जरिए म्यूल अकाउंट्स से पैसे निकालता था। संजय रावत फर्जी सिम और कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराता था। जांच में पकड़े गये आरोपियों के दुबई, कंबोडिया, श्रीलंका से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पब्लिक गेम्बलिंग एक्ट की धारा 4ए और आईटी एक्ट की धारा 66सी व 66डी के तहत प्रकरण दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस फरार सरगना संजय रावत की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।