स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन व स्वरोजगार के लिए अहम है खाद्य प्रौद्योगिकीः कुलगुरु
ग्वालियर। श्रीमंत माधवराव सिंधिया शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय के फूड टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा ष्डेयरी एवं प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में उभरते अवसरष् विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का समापन हुआ। यह आयोजन जैस्पर फूड, पारस, बिसलेरी, सांची एवं श्रीजी के सहयोग से किया गया।
कार्यशाला में विद्यार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण की सैद्धांतिक और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी गई। आईएचएम के डॉ. अभिनव भट्ट व शेफ फिरोज खान ने कुकीज, जेली निर्माण तथा वीएन ऑर्गेनिक्स की सीईओ निशा निरंजन ने चॉकलेट निर्माण का प्रशिक्षण दिया। समापन सत्र के मुख्य अतिथि जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. दिवाकर सिंह राजपूत ने कहा कि डेयरी व खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन और स्वरोजगार के लिए महत्वपूर्ण है। युवाओं को इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं तलाशनी चाहिए। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सरिता श्रीवास्तव ने की। इस अवसर पर प्रतिभागियों व शोध पत्र विजेताओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में डॉ. डी. कुमार, डॉ. रीता मिश्रा, संयोजक डॉ. ए.के. शुक्ला, डॉ. निधि गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।