प्रोफेशनल टैक्स को समाप्त किया जाये : MPCCI
चेम्बर ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय मंत्री-श्रीमंत ज्योतरादित्य सिंधिया, फैडरेशन ऑफ म.प्र. चेम्बर्स ऑफ एण्ड इण्डस्ट्री, भोपाल एवं प्रदेश के समस्त चेम्बर ऑफ कॉमर्स को लिखा पत्र
ग्वालियर | प्रोफशनल टैक्स की समाप्ति को लेकर म.प्र. चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्बारा आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री-श्रीमंत ज्योतरादित्य सिंधिया, फैडरेशन ऑफ म.प्र. चेम्बर्स ऑफ एण्ड इण्डस्ट्री, भोपाल एवं प्रदेश के समस्त चेम्बर ऑफ कॉमर्स को पत्र प्रेषित किया गया है|
अध्यक्ष-डॉ. प्रवीण अग्रवाल, संयुक्त अध्यक्ष-सुरेश बंसल, उपाध्यक्ष-संदीप नारायण अग्रवाल, मानसेवी सचिव-दीपक अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव-दीपक पमनानी एवं कोषाध्यक्ष-मनोज अग्रवाल ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में बताया है कि 10 सितम्बर,2023 को प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री-श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री-श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया जी के साथ ‘चेम्बर भवन’ में पधारे थे| इस अवसर पर चेम्बर ने प्रोफेशन टैक्स को समाप्त करने की मांग मुख्यमंत्री महोदय से की गई थी| मुख्यमंत्री महोदय ने प्रोफेशनल टैक्स को समाप्त करने पर सैद्घांतिक सहमति व्यक्त करते हुये इसे वापिस लिये जाने की घोषणा की गई थी लेकिन इस घोषणा पर अब तक अमल नहीं हुआ है|
चेम्बर ने पत्र में उल्लेख किया है चेम्बर सहित मध्यप्रदेश के व्यवसायिक एवं औद्योगिक संगठनों के द्बारा कई बार पत्र के माध्यम से एवं मुलाकातों के दौरान इस बात का अनुरोध किया गया है कि व्यापारी को जी.एस.टी., आयकर, वैट आदि सहित बहुत सारे करों का सामना करना पड़ता है, जिसकी वजह से मध्यप्रदेश का व्यापारी अपने आपको कर के बोझ से दबा पाता है| अपने व्यापार एवं उद्योग को चलाने के लिए जितने कर लागू होते हैं, उसका लेखा-जोखा व्यापारी रखता है और शासन को समय-समय पर कर चुकाना होता है, जिसको भारी बोझ तले व्यापारी कर रहा है| इस सबके बावजूद प्रोफेशनल टैक्स, प्रदेश के कारोबारियों से लिया जाता है| प्रोफेशनल टैक्स व्यापारी तथा उद्योगपति से लेना अन्याय है|
छत्तीसगढ, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तरांचल, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ, गोवा, जम्मू-कश्मीर, अरूणाचल प्रदेश, केन्द्रशासित प्रदेश-अंडमान निकोबार द्बीप समूह, दादर-नागर हवेली, दमन-दीव में व्यापारियों के ऊपर प्रोफेशनल टैक्स लागू नहीं है|
MPCCI ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि प्रोफेशनल टैक्स को समाप्त करने पर शीघ्र निर्णय लेकर व्यापारियों को प्रोफेशनल टैक्स से मुक्ति दी जाये, जिससे मध्यप्रदेश के लाखों व्यापारी इससे सुखद महसूस करेंगे और सरकार के प्रति उनकी सद्भावना बढेगी तथा “एक देश, एक कर” की भावना भी पूर्ण हो सकेगी|