ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत सफाई मित्रों की क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन बालभवन में किया गया। इस अवसर पर गीला सूखा कचरे पर अलग- अलग विशेषज्ञों द्वारा सफाई मित्रों, डब्ल्यूएचओ, जेडएचओ का मार्गदर्शन किया गया। क्षमतावर्धन कार्यशाला में अपर आयुक्त टी प्रतीक राव ने कहा कि मैं अभी तक हम दूसरे शहरों को अपना रॉल मॉडल मानकर काम करते थे, लेकिन चाहता हूं कि हमारे ग्वालियर में स्वच्छता में बेहतर कार्य किया जाए जिससे दूसरे शहर हमारा अनुसरण करें। उन्होंने कहा कि हमारे दिमाग में यह गलत सोच हैं कि यह कार्य नहीं हो सकता है, उन्होंने कहा कि अगर आप लोग ठान लें तो हर कार्य हो सकता है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की कंसल्टेंट श्रीमती दीपाली पांडे ने बताया कि ग्वालियर में वायु प्रदूषण प्रदेश के अन्य शहरों की तुलना में अधिक है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां पर वायु में पीएम 10 की मात्रा सर्वाधिक है। क्षमतावर्धन कार्यशाला के दौरान उन्होंने सफाई मित्रों को वायु प्रदूषण कम करने के उपाय बताएं।
क्षमतावर्धन कार्यशाला में पार्षदों ने अपने सुझाव दिए, जिनमें एमआईसी सदस्य एवं पार्षद शकील मंसूरी ने कहा कि मौलिक निधि राशि में से कुछ राशि से चार रंगों के डस्टबिन खरीदकर क्षेत्रवासियों को दिए जाएं। पार्षद प्रमोद खरे ने कहा की मकान के टैक्स में डस्टबिनों का पैसा जोड दिया जाए, और शहरवासी को उसके बदले में डस्टबिन दिया जाए। पार्षद विवेक सोनू त्रिपाठ ने कहा कि गाड़ी वार्ड में एक से दो ही चक्कर लगाती है तीन चक्कर नहीं लगा पा रही है । इस अवसर पर एमआईसी सदस्य श्रीमती गायत्री सुधीर मण्डेलिया, पार्षद श्रीमती आशा सुरेन्द्र चौहान, श्रीमती अनिता रत्नाकर, श्रीमती यामिनी परांडे, बृजेश श्रीवास, मनोज राजपूत, श्रीमती किरण वर्मा, अपर आयुक्त टी प्रतीक राव, उपायुक्त मुकेश बंसल, सहायक खेल अधिकारी एएचओ, डब्ल्यूएचओ, जेडएचओ, सफाई मित्र सहित अधिकारी उपस्थित थे।