राज्यपाल व प्रमुख अभियंता के आदेश की धज्जियां उड़ाकर मुख्य अभियंता बी.के.छारी के कार्यालय में जारी है RTI फीस घोटाला और जानकारी दबाने का खेल
*ग्वालियर में 1000 करोड़, शिवपुरी में 101 करोड़ के जलजीवन मिशन घोटालों की जांच रिपोर्ट भी गायब*
*ग्वालियर, मध्य प्रदेश PHE विभाग में पारदर्शिता की जगह अब "RTI फीस घोटाला" और जानकारी दबाने का खेल खुलेआम चल रहा है। राज्यपाल कार्यालय और प्रमुख अभियंता के स्पष्ट आदेश के बाद भी ग्वालियर के *मुख्य अभियंता बी.के.छारी* के कार्यालय में जलजीवन मिशन के घोटालों की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
R.T.I. फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष *एडवोकेट संजय दीक्षित* ने आरोप लगाया कि 11 दिसंबर 2023 से अधीक्षण यंत्री *आर.के. सिंह* और मुख्य अभियंता *बी.के.छारी* के कार्यालय ग्वालियर में RTI आवेदन देने के बाद भी जलजीवन मिशन और CM हेल्पलाइन से संबंधित जानकारी नहीं दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि *मध्य प्रदेश PHE के प्रमुख अभियंता संजय अंधवान* ने भी 19 जनवरी 2024 को पत्र क्रमांक 715 से और PHE मंत्रालय के अवर सचिव ने 20 मार्च 2024 को पत्र क्रमांक 898 से मुख्य अभियंता को जानकारी देने के निर्देश दिए थे। राज्यपाल कार्यालय ने भी इस शिकायत पर कार्यवाही कर रिपोर्ट तलब की थी।
इसके बावजूद *मुख्य अभियंता बी.के.छारी* के संरक्षण में अधीनस्थ कर्मचारियों ने प्रमुख अभियंता और राज्यपाल के आदेश की अवमानना करते हुए ग्वालियर-चंबल संभाग में जलजीवन मिशन के तहत हुए *1000 करोड़* के घोटाले की जांच रिपोर्ट आज तक नहीं दी।
"2023 से लगातार RTI के माध्यम से रिपोर्ट मांग रहा हूं, लेकिन प्रमुख अभियंता के आदेश के बावजूद मुख्य अभियंता कार्यालय से जांच प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया। यह सीधे-सीधे शासनादेश की अवमानना है" - संजय दीक्षित
*शिवपुरी का कनेक्शन*
उल्लेखनीय है कि इसी पैटर्न पर शिवपुरी में *101 करोड़* के सीवर घोटाले की जांच को भी दबाए जाने का आरोप है। दोनों ही जगह फर्जी चालान, घटिया निर्माण और जांच को ठंडे बस्ते में डालने का खेल चल रहा है।
श्री दीक्षित ने कहा कि प्रमुख अभियंता व राज्यपाल के आदेश की अवमानना और 1000 करोड़ के घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए वे शीघ्र ही *मुख्यमंत्री और लोकायुक्त* को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग करेंगे।