दतिया उपचुनाव: अब तक 50% से ज्यादा वोटिंग, कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा- भाजपा का अहंकार टूटेगा
दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए गुरुवार सुबह 7 बजे से मतदान शांतिपूर्ण माहौल में जारी है। मतदान शुरू होने से पहले तीन मतदान केंद्रों पर ईवीएम से जुड़े उपकरणों में तकनीकी खराबी आई, जिन्हें मॉक पोल के दौरान सभी एजेंटों और कैमरों की मौजूदगी में बदल दिया गया।
मतदान केंद्र क्रमांक 186 पर वीवीपैट, क्रमांक 108 पर बैलेटिंग यूनिट (बीयू) और क्रमांक 290 पर कंट्रोल यूनिट (सीयू) में खराबी आई थी। कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि सभी उपकरण समय रहते बदल दिए गए, जिसके बाद निर्धारित समय पर मतदान शुरू हुआ। इस बीच बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव में मुख्य सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर "सड़क नहीं तो वोट नहीं" का नारा लगाया। सूचना पर एसडीएम अशोक अवस्थी मौके पर पहुंचे और समझाइश के बाद करीब 50 ग्रामीणों ने मतदान किया। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने मतदान के बाद ऐतिहासिक जीत का दावा करते हुए कहा कि मतदाता भाजपा के अहंकार को तोड़ेंगे। उन्होंने बसई में कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को बूथ में प्रवेश नहीं देने का आरोप भी लगाया।
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मतदान से पहले पीतांबरा पीठ में दर्शन कर दतिया के विकास, युवाओं को रोजगार और भयमुक्त दतिया की प्रार्थना की। बाद में उन्होंने मतदान केंद्र क्रमांक 158 पहुंचकर पोलिंग एजेंटों से मुलाकात की और भाजपा को भरपूर समर्थन मिलने का दावा किया। जिले के 291 मतदान केंद्रों पर 2 लाख 20 हजार 400 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला ने कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया, जबकि कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर निर्धारित समय पर शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से मतदान शुरू हुआ।
विधानसभा क्षेत्र के सभी 291 मतदान केंद्रों पर मतदान दल सुबह से सक्रिय हैं। मतदान शुरू होने से पहले ही अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का अंतिम निरीक्षण किया और निर्धारित समय पर मतदान प्रक्रिया प्रारंभ कराई। शहर के आदर्श मतदान केंद्रों सहित संवेदनशील बूथों पर सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की गई है। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदान को पूरी तरह निष्पक्ष बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ), जिला पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। चुनाव ड्यूटी में करीब 2,500 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं, जिनमें केंद्रीय बलों की 16 कंपनियों के लगभग 1,600 जवान भी शामिल हैं।
इस उपचुनाव में 2 लाख 20 हजार 400 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1 लाख 16 हजार 116 पुरुष और 1 लाख 4 हजार 284 महिला मतदाता शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान कर लोकतंत्र को मजबूत बनाने की अपील की है। मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा, जहां मतगणना तक बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।
प्रशासन का दावा है कि अब तक मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से चल रहा है। अधिकारी लगातार मतदान केंद्रों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि प्रत्येक मतदाता बिना किसी बाधा के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सके।