आरवीएसकेवीवी बना राष्ट्रीय नवाचारों का केंद्र
- आइडिया हैकाथॉन 6.0 से मिलेंगे 15 लाख रुपये तक के अनुदान
ग्वालियर। नवाचारों को प्रयोगशाला से उद्योग तक पहुंचाने की दिशा में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय (आरवीएसकेवीवी), ग्वालियर को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने विश्वविद्यालय को एमएसएमई आइडिया हैकाथॉन 6.0 का मेजबान संस्थान घोषित किया है। इसी के तहत कुलपति प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार शुक्ला और विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. वाई.पी. सिंह ने प्रतियोगिता के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन किया।
विश्वविद्यालय के कृषि व्यवसाय इनक्यूबेशन एवं उद्यमिता केंद्र (सीएआईई) को इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का सहयोगी व्यवसाय इनक्यूबेटर बनाया गया है, जो चयनित प्रतिभागियों को तकनीकी, व्यावसायिक और उद्यमिता संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. वाई.डी. मिश्रा ने बताया कि यह प्रतियोगिता भारत सरकार की एमएसएमई नवाचार योजना के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, नव उद्यमियों और नवप्रवर्तकों के अभिनव विचारों को प्रोटोटाइप से बाजार तक पहुंचाना है। चयनित प्रतिभागियों को 15 लाख रुपये तक का अनुदान, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन सुविधा तथा प्रोटोटाइप विकसित करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रतियोगिता में नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, ऑटोमोबाइल प्रौद्योगिकी, उद्योग 4.0 एवं 5.0 रोबोटिक्स एवं स्वचालन सहित छह प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इच्छुक प्रतिभागी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सीएआईई के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकित रजक ने बताया कि पिछले वर्ष केंद्र द्वारा समर्थित एक नव उद्यम को भारत सरकार से 12.50 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों, शोधार्थियों, स्टार्टअप, एमएसएमई इकाइयों और स्वतंत्र नवप्रवर्तकों से इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाकर देश के नवाचार अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है।