निर्दलीय प्रत्याशी डॉ प्रवीण अग्रवाल को हराने के लिए दोनों हाउस एक हुये
ग्वालियर। एक कहावत तो आपने सुनी होगी की दुश्मन का दुश्मन हमेशा दोस्त होता है यही कहावत अब चेंबर के चुनावों में चरितार्थ हो रही है । वर्तमान समय में चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चुनाव में जहां क्रिएटिव हाउस द्वारा अध्यक्ष पद पर अपना कोई प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं उतारा है क्योंकि क्रियेटिव हाउस को अपनी पुरानी हार का बदला लेना है। इसी के चलते एक हाउस ने दूसरे हाउस को अध्यक्ष पद के लिए अंदर से समर्थन कर देने की बात अब सामने आई है ।
सूत्र बताते हैं कि पिछले दो चुनावों में उस समय व्हाईट हाउस से प्रत्याशी डॉक्टर प्रवीण अग्रवाल द्वारा क्रिएटिव हाउस के पदाधिकारी को चुनाव में पराजित किया गया था जिससे क्रिएटिव हाउस का स्तंभ खंबा हिल गया था क्योंकि व्हाईट हाउस ने जिन दो प्रत्याशियों को हराया था वह क्रिएटिव हाउस के स्तंभ थे । इस हार को क्रिएटिव हाउस के भुला नहीं पाया है। और वर्तमान में निर्दलीय प्रत्याशी डॉ प्रवीण अग्रवाल को चुनाव में पराजित करने के लिए दोनों हाउस अब एक हो चुके हैं जैसा कुछ व्यापारियों ने बताया कि व्यापारी धनवल से नहीं जनबल के साथ है वर्तमान में देखा जा रहा है कि कुछ प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ जनसंपर्क में लगे हुए हैं, लेकिन उन समर्थकों में से अधिकतर लोग चेंबर के सदस्य नहीं है। केवल समर्थकों को भीड़ बढ़ाने के लिए अपने साथ रखा गया है वहीं कुछ प्रत्याशी अपने नाते रिश्तेदार भाई भतीजा बेटा को भी चुनाव प्रचार में लगा दिया है जैसे कि चेंबर का चुनाव किसी विधानसभा या लोकसभा का चुनाव हो रहा हो जिनका इन परिवारी सदस्यों का चेंबर ऑफ कॉमर्स से कोई लेना देना नहीं है सूत्र बताते हैं कि डॉक्टर प्रवीण अग्रवाल के साथ जो समर्थन प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं उनमें 90 प्रतिशत सदस्य चेंबर ऑफ कॉमर्स के हैं वहीं अन्य प्रत्याशियों के साथ चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य काफी कम मात्रा में प्रचार कर रहे हैं चुनाव अधिकारी द्वारा 17 जुलाई को चुनाव होना निश्चित है , लेकिन क्रिएटिव हाउस के कार्यालय का उद्घाटन अभी तक नहीं हो पाया है। वही क्रिएटिव हाउस के प्रत्याशी कभी साथ में तो अधिकतर अलग-अलग ही प्रचार कर रहे हैं । वहीं क्रिएटिव हाउस के स्तंभ चुप्पी साध कर बैठे हैं । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार क्रिएटिव हाउस और व्हाईट हाउस में दो सीटों पर समझौता होने का भी अनुमान लगाया जा रहा है क्योंकि संयुक्त अध्यक्ष पद पर व्हाईट हाउस द्वारा नए प्रत्याशी डॉ विनोद जैन को टिकट दिया है वह एक नया चेहरा है वही क्रिएटिव हाउस द्वारा अग्रवाल समाज में अपनी अलग पहचान एवं वरिष्ठ समाजसेवी सुरेश बंसल को टिकट दिया गया है इसी प्रकार उपाध्यक्ष पद पर व्हाईट हाउस ने कार्यकारिणी सदस्य सुनील अग्रवाल सनी को चुनाव मैदान में उतारा है उनके विपरीत क्रिएटिव हाउस ने पूर्व कोषाध्यक्ष संदीप नारायण अग्रवाल को टिकट देकर उनकी जीत सुनिश्चित की है इस प्रकार दो सीटों पर व्हाईट हाउस से कमजोर प्रत्याशी होने के कारण क्रिएटिव हाउस को यह दोनों सीटें बड़े आराम से उनकी झोली में आ सकती है