तनुष्का कहती हैं लाड़ली लक्ष्मी योजना ने मुझे हर पड़ाव पर सहारा दिया है….
(हितेन्द्र सिंह भदौरिया)
ग्वालियर। अच्छी पढ़ाई व अच्छे जीवन के सपने देखना हर बेटी का अधिकार है। उन सपनों को पूरा करने के लिये जब सरकार का साथ मिल जाए तो रास्ते खुद-ब-खुद आसान हो जाते हैं। बेटियों के भविष्य को संवारने का यही काम मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित “मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना” कर रही है। ग्वालियर की बिटिया तनुष्का भदौरिया की कहानी ऐसी ही है, वे कहती हैं कि लाड़ली लक्ष्मी योजना मेरे सपनों को नई उड़ान दे रही है।
तनुष्का बताती हैं कि शिक्षा के हर पड़ाव पर लाड़ली लक्ष्मी योजना मेरे साथ खड़ी रही। जब मैं 6वीं कक्षा में पहुँची तब मुझे छात्रवृत्ति के रूप में 2 हजार रुपए की मदद मिली। 9वीं में आई तब सरकार ने 4 हजार रुपए का सहारा दिया। 11वीं कक्षा में कदम रखा तो फिर लाड़ली लक्ष्मी योजना मेरी ताकत बनी और मुझे 6 हजार रुपए छात्रवृत्ति के रूप में मिले। पढ़ाई के लिये समय-समय पर सरकार से मदद मिलने के कारण मेरे माता-पिता पर शिक्षा का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। तनुष्का कहती हैं सबसे बड़ी खुशी यह है कि 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर सरकार द्वारा मुझे एकमुश्त एक लाख रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि मेरे स्वावलंबन की नींव बनेगी। मैं कह सकती हूँ कि इस योजना ने भी मेरा भविष्य सुरक्षित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए तनुष्का कहती हैं कि लाड़ली लक्ष्मी योजना बेटियों के सम्मान, शिक्षा और सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।