- छात्र-छात्राएं जिज्ञासु बनें, क्योंकि आपकी यही जिज्ञासा विज्ञान, कला और नवाचार की आधारशिला हैः अशोक भौमिक
- आप निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ जीवन में उपलब्धियां हासिल कर सकते होः आईपीएस सुजावल जग्गा
- सफलता एक स्थायी अवस्था नहीं, बल्कि निरंतर विकास की यात्रा हैः प्रो-चांसलर डॉ. दौलत सिंह चौहान
- शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, साहस, रचनात्मकता और मानवीय संवेदनाओं के विकास की प्रक्रिया हैः प्रिंसिपल गीता एस.
ग्वालियर । आईटीएम ग्लोबल स्कूल ग्वालियर में ‘अवार्ड सेरेमोनिया-2026 (अवार्ड सेरेमनी) का आयोजन किया गया। जहां एनुअल अकेडमिक अवार्ड-2025-26 छात्र-छात्राओं को प्रदान किए गए। संस्थान के तुरारी परिसर के एलडीबी ब्लॉक स्थित उस्ताद अल्लाउद्दीन खान आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चित्रकार, समालोचक एवं लेखक अशोक भौमिक और विशिष्ठ अतिथि के रूप में आईपीएस सुजावल जग्गा, आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के प्रो-चांसलर डॉ. दौलत सिंह चौहान शामिल हुए। इस अवसर पर आईटीएम ग्लोबल स्कूल ग्वालियर की प्रिंसिपल गीता एस., डीन एकेडमिक अनीता मित्तल, सीएओ रेणु अग्रवाल सहित सभी शिक्षकगण, प्रशासनिक अधिकारी, अभिावकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। वहीं कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यार्थियों जानवी सिंह, अंशुल शर्मा, आरना त्रिपाठी, सताक्षी द्वारा किया गया।
शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, साहस, रचनात्मकता और मानवीय संवेदनाओं के विकास की प्रक्रिया हैः प्रिंसिपल गीता एस.
आईटीएम ग्लोबल स्कूल ग्वालियर में अवार्ड सेरेमोनिया-2026 का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और स्कूल के छात्र-छात्राओं के सरस्वती वंदना के साथ किया। इस अवसर पर ग्रेड-3 की होनहार छात्राएं दिव्यांशी अग्रवाल, हव्यायनी नायक ने क्लासिकल डांस की प्रस्तुति दी। बता दें कि दोनों ही छात्राएं ने अखिल भारतीय संस्कृत संघ पुणे (एबीएसएस) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर डुएट श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल कर चुकी हैं।
इससे पहले प्रिंसिपल गीता एस. ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, साहस, रचनात्मकता और मानवीय संवेदनाओं के विकास की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि पुरस्कारों का उद्देश्य केवल विजेताओं को सम्मानित करना नहीं, बल्कि सभी छात्र-छात्राओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और निरंतर बेहतर बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि उनकी वास्तविक प्रतिस्पर्धा किसी अन्य व्यक्ति नहीं, बल्कि स्वयं के कल से होनी चाहिए।
वहीं आईटीएम ग्लोबल स्कूल ग्वालियर में अवार्ड सेरेमोनिया कार्यक्रम के दौरान 103 अकेडमिक अवार्ड छात्र-छात्राओं को प्रदान किए गए। इसमें कक्षा 1 से 5 के 46 और कक्षा 6 से 12वीं तक के 57 छात्र-छात्राओं को अवार्ड प्रदान किए गए।
छात्र-छात्राएं जिज्ञासु बनें, क्योंकि आपकी यही जिज्ञासा विज्ञान, कला और नवाचार की आधारशिला हैः अशोक भौमिक
आईटीएम ग्लोबल स्कूल ग्वालियर में अवार्ड सेरेमोनिया-2026 के अवसर पर मुख्य अतिथि चित्रकार, समालोचक एवं लेखक अशोक भौमिक ने छात्र-छात्राओं को जिज्ञासु और रचनात्मक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक खाली कैनवास असफलता का प्रतीक नहीं, बल्कि नई संभावनाओं का प्रारंभ होता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को जीवन में हमेशा क्यों और क्या हो अगर जैसे प्रश्न पूछने की आदत विकसित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यही जिज्ञासा विज्ञान, कला और नवाचार की आधारशिला है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अपने भीतर के रचनात्मक और जिज्ञासु बाल मन को जीवित रखने का आग्रह किया।
आप निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ जीवन में उपलब्धियां हासिल कर सकते होः आईपीएस सुजावल जग्गा
आईटीएम ग्लोबल स्कूल ग्वालियर में अवार्ड सेरेमोनिया-2026 में विशिष्ठ अतिथि आईपीएस सुजावल जग्गा ने छात्र-छात्राओं को अपने छात्र जीवन का प्रेरणादायक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि मैं स्कूल में कभी पुरस्कार विजेता नहीं रहा, लेकिन निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर अपनी मंजिल हासिल की है। आप भी निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ जीवन में हर उपलब्धियां हासिल कर सकते हो। उन्होंने छात्र-छात्राओं को जीवन के तीन महत्वपूर्ण सूत्र दिए जिसमें भावनात्मक बुद्धिमत्ता का विकास, करुणा एवं ईमानदारी के साथ जीवन जीना। इसके साथ ही उन्होंने साइबर अपराधों से बचने के लिए सजग रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश में साइबर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है और हाल के वर्षों में हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हो चुकी है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को ओटीपी, पासवर्ड और व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने और परिवार के बुजुर्गों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
सफलता एक स्थायी अवस्था नहीं, बल्कि निरंतर विकास की यात्रा हैः प्रो-चांसलर डॉ. दौलत सिंह चौहान
आईटीएम ग्लोबल स्कूल ग्वालियर में आयोजित अवार्ड सेरेमोनिया-2026 कार्यक्रम में आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के प्रो-चांसलर डॉ. दौलत सिंह चौहान ने कहा कि सफलता एक स्थायी अवस्था नहीं, बल्कि निरंतर विकास की यात्रा है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को उपलब्धियों के बाद आत्मसंतुष्टि से बचने और निरंतर सीखते रहने की सलाह दी। उन्होंने ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में प्रश्न पूछने की घटती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों पर अत्यधिक निर्भरता के कारण आलोचनात्मक सोच प्रभावित हो रही है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अपना एआईक्यू (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोशिएंट) विकसित करने का आव्हान किया, जिससे वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता का केवल उपयोगकर्ता न बनकर उसके प्रति विवेकपूर्ण और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण विकसित कर सकें।
वहीं अवार्ड सेरेमोनिया-2026 कार्यक्रम के अंत में स्कूल कैप्टन (बॉयज़) साई सुब्रमण्य प्रसाद ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह समारोह छात्र-छात्राओं को केवल पुरस्कार प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि अपने ज्ञान, व्यक्तित्व और क्षमताओं की सीमाओं को लगातार विस्तार देने के लिए प्रेरित करता है।
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