ग्वालियर। नगर निगम क्षेत्र में म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नए नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गुरुवार को सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट, नई दिल्ली द्वारा सभी IEC सदस्यों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बाल भवन में आयोजित प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नगर निगम क्षेत्र में बल्क वेस्ट जेनरेटरका ऑनलाइन सर्वे एवं पंजीयन सुनिश्चित करना था।
नए नियमों के अनुसार ऐसे संस्थान या परिसर, जो प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करते हैं, जिनका बिल्ट-अप एरिया 20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक है अथवा जो प्रतिदिन 40,000 लीटर या उससे अधिक पानी का उपयोग करते हैं, उन्हें बल्क वेस्ट जेनरेटर की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। नगर निगम के अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव के निर्देशानुसार सभी IEC सदस्यों को यह प्रशिक्षण प्रदान किया गया। सर्वे कार्य नगर निगम के संबंधित जोनल हेड की निगरानी में किया जाएगा। BWG की पहचान एवं पंजीयन के लिए नगर निगम द्वारा CSE, नई दिल्ली के सहयोग से ऑनलाइन सर्वे कराया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन CSE के सदस्य विजय प्रभाकर ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न IEC एजेंसियों—एम/एस म्यूज (MUSE), एम/एस डिवाइन (Devine) तथा दीक्षा फाउंडेशन के IEC सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा संबंधित एजेंसियों के टीम लीडर रविंदर सिंह, अभिषेक पंचाल, दीक्षा एवं आशा ने भी सहभागिता की।
एक दिवसीय प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को ऑनलाइन सर्वे की प्रक्रिया, डेटा संग्रहण, दस्तावेजीकरण तथा सफल एनरोलमेंट के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि BWG श्रेणी में आवासीय एवं व्यावसायिक दोनों प्रकार की संस्थाएं शामिल होंगी।आवासीय श्रेणी में सभी गेटेड रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स को शामिल किया जाएगा, जबकि व्यावसायिक श्रेणी में होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, मॉल, अस्पताल, नर्सिंग होम, कमर्शियल कार्यालय, निजी कंपनियां, सरकारी भवन, मेस, प्रशिक्षण केंद्र तथा धार्मिक संस्थान जैसे प्रतिष्ठान शामिल होंगे। प्रशिक्षण में उपस्थित सदस्यों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार अपने-अपने क्षेत्रों में BWG की पहचान कर उनका ऑनलाइन सर्वे एवं पंजीयन कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें, ताकि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।