जनसुनवाई ने पोंछे जरूरतमंदों के आँसू, दो महिलाओं को मिली आर्थिक मदद
- कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में इस बार 132 लोगों की हुई सुनवाई
ग्वालियर । प्रदेश सरकार की पहल पर हर मंगलवार को होने वाली जन-सुनवाई असहायों व जरूरतमंदों का संबल बनकर उनके आँसू पोंछती है। कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में मदद की आस में पहुंची श्रीमती रेखा कुशवाह व श्रीमती रितु डेमला को सहारा मिला है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने इन दोनों महिलाओं को तात्कालिक आर्थिक मदद उपलब्ध कराई है। साथ ही उन्हें शासन की योजनाओं के तहत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में इस बार 132 लोगों की सुनवाई हुई।
मंगलवार को जन-सुनवाई में पहुँचे लोगों की जल्द से जल्द सुनवाई करने के लिये कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने आवेदकों को अपने कक्ष में बुलाकर समस्यायें सुनीं। साथ ही कलेक्ट्रेट के सभागार में अपर जिला दण्डाधिकारी सी बी प्रसाद सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने हर बार की तरह जन सामान्य की समस्यायें सुनकर उनके आवेदनों के निराकरण की रूपरेखा तय की। कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में धौकलपुरा सिकन्दर कम्पू निवासी श्रीमती रेखा कुशवाह अपने लगभग डेढ़ महीने के बच्चे को लेकर मदद की आस में पहुँचीं थीं। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान को अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि मेरे बच्चे को डॉक्टर ने किडनी की बीमारी बताई है। जिसके इलाज पर बड़ा खर्चा आयेगा। मेरा परिवार इसको लेकर बहुत परेशान है। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने रेखा कुशवाह को ढांढस बंधाया। उन्होंने तात्कालिक आर्थिक मदद उपलब्ध कराई। साथ ही सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि रेखा कुशवाह के बच्चे का इलाज एम्स भोपाल में कराने के लिये रेफरल सुविधा उपलब्ध कराएं। इसके अलावा रेखा कुशवाह के पति का श्रमिक कार्ड बनवाने के निर्देश भी दिए। इस कार्ड के आधार पर उन्हें अन्य आर्थिक मदद भी मिल सकेगी। इसी तरह बापूदंडी की गोठ माधौगंज निवासी श्रीमती रितु डेमला को भी कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिला प्रशासन से आर्थिक मदद उपलब्ध कराई है। रितु डेमला के पति का हाल ही में देहांत हो गया था। उन्होंने कलेक्ट्रेट में पहुँचकर अपनी परेशानी बताते हुए कहा था कि पति के असमय निधन से पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन करने में मुझे परेशानी आ रही है। कलेक्टर ने तात्कालिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार के लिये सरकार की योजनाओं के तहत सहायता उपलब्ध कराने का प्रकरण तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में प्राप्त हुए 132 आवेदनों में से 76 आवेदन दर्ज किए गए। शेष 56 आवेदन निराकरण के लिये सीधे ही संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। इन आवेदनों को समय-सीमा में निराकरण करने के लिये कहा गया है।