कच्चे घर से आत्मनिर्भरता तक का प्रेरक सफर

(मधु सोलापुरकर, उप संचालक ग्वालियर)
ग्वालियर ।  सच्ची लगन और मेहनत के साथ कार्य किया जाए तो जीवन की हर मुसीबत से उबरकर अपने जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार की जनहित में अनेक योजनायें संचालित हैं। इन योजनाओं का लाभ उठाकर अनेक लोगों ने अपने जीवन को खुशहाल बनाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना से अपने स्वयं का आवास बनाने के साथ-साथ अनेक योजनाओं का लाभ लेकर ग्वालियर जिले के धारू आदिवासी ने अपने जीवन को बेहतर और सशक्त बनाने का उदाहरण प्रस्तुत किया है। धारू आदिवासी ने न केवल अपने परिवार की स्थिति को मजबूत किया है बल्कि अन्य लोगों के लिये भी मिशाल कायम की है। 
जिले की घाटीगांव ग्राम पंचायत के ग्राम चैत निवासी धारू आदिवासी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिये पंचायत में अपना आवेदन किया। आवास की स्वीकृति मिलने पर उन्होंने स्वयं ही मजदूरी कर अपने मकान को बनाया। जिसके लिये उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम से 90 दिन की मजदूरी भी प्राप्त हुई। स्वयं का आवास बन जाने से धारू आदिवासी और उसके परिवार को अब बरसात में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती है।  ग्राम चैत के धारू आदिवासी ने पंचायत में शासन की अन्य योजनाओं की जानकारी भी ली और पात्रता अनुसार आवेदन देने पर उन्हें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस सिलेण्डर, मुख्यमंत्री भू-अधिकार आवास पट्टा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से बिजली कनेक्शन, जल जीवन मिशन से घर में शुद्ध पेयजल की प्राप्ति, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आहार अनुदान योजना से 1500 रुपए प्रतिमाह की राशि मिलने के साथ-साथ आधारकार्ड, राशनकार्ड की भी सुविधा उपलब्ध हुई है। 
धारू आदिवासी एवं उसके परिवार को पक्के घर से न केवल सुरक्षा प्राप्त हुई है बल्कि अनेक सुविधायें भी मिलने लगी हैं। इनकी पत्नी गीता आदिवासी ने अपने घर के आसपास अनेक प्रकार के फल-फूल के पेड़ लगाए हैं। जिससे उन्हें न केवल पेड़ की छाया मिलती है बल्कि पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी मिल रहे हैं। गीता आदिवासी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुड़कर सिलाई का काम सीखा और समूह से ऋण लेकर सिलाई मशीन भी खरीदी। गीता आदिवासी अब ग्रामवासियों के कपड़े सिलती हैं। इससे उन्हें आय भी प्राप्त हो रही है। धारू आदिवासी एवं उसकी पत्नी ने थोड़े-थोड़े पैसे जोड़कर अपने बेटे रिंकू के लिये गाँव में ही एक छोटी सी किराना दुकान भी खुलवाई है। जहां दैनिक जरूरत की वस्तुएं उपलब्ध हैं और उसके परिवार को थोड़ा-बहुत आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। 
धारू आदिवासी एवं उसके परिवार का मानना है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जरूरतमंदों के लिये इनेक कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोग इसका लाभ लेकर अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हैं। शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने पर धारू आदिवासी व उसका परिवार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं प्रदेश सरकार को धन्यवाद भी ज्ञापित करते हैं। 



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