पत्र में कहा गया है कि ऐसी कार्यवाहियाँ ईमानदार उपभोक्ता के शोषण की श्रेणी में आती हैं । इससे असंतोष पनपता है । आपके स्थानीय होने से यह असंतोष और ज्यादा पनप रहा है कि विभाग के मुखिया होने के बाद भी बिजली विभाग दमनकारी कार्य कर रहा है, ऐसे असंतोष जन आंदोलन को जन्म देते हैं, जो विभाग की छवि को धूमिल करते है । इसके साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के अनुसार ऐसी सारी बिलिंग पर नियंत्रण भोपाल में बैठे अधिकारियों को सौंपकर, उन्हें ज्यादा विश्वसनीय माना गया है, जबकि ग्वालियर में मुख्य महाप्रबंधक जैसे वरिष्ठ अधिकारी पदस्थ हैं और स्थानीय अधिकारी के समक्ष उपभोक्ता जब अपनी परेशानी रखता है, तब अधिकारियों को व्यवहारिक पक्ष नजर आता है । पत्र में माँग की गई है कि :-
* पंचनामे की मूल प्रति प्रारूप चार एवं अंतिम निर्धारण आदेश प्रारूप पाँच की प्रति उपभोक्ता को दिया जाना आवश्यक किया जाए ।