ग्वालियर। एलिवेटेड रोड निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हुई सीवर लाइनों, मैनहोल और सीवर चेंबरों की मरम्मत बारिश से पहले हर हाल में पूरी की जाए। शहरवासियों को वर्षाकाल में सीवर संबंधी किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए संबंधित अधिकारी तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। यह निर्देश अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने गुरुवार को नगर निगम के विकास कार्यों एवं एलिवेटेड रोड परियोजना की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में आयुक्त नगरीय प्रशासन संकेत भोंडवे, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, निगम आयुक्त संघ प्रिय, अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन दिव्यांक सिंह व अपर आयुक्त टी प्रतीक राव उपस्थित थे।
समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव दुबे ने स्पष्ट रूप से कहा कि एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए स्वर्णरेखा नदी में डाली गई मिट्टी तत्काल हटाई जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सीवर लाइन और चेंबरों की मरम्मत में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि वर्तमान एजेंसी कार्य करने में सक्षम नहीं है तो नई एजेंसी या वेंडर को तत्काल जिम्मेदारी सौंपी जाए। संबंधित अधिकारी दो दिन के भीतर यह सुनिश्चित करें कि कार्य किस एजेंसी द्वारा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य पर होने वाला व्यय संबंधित ठेकेदार के भुगतान से समायोजित किया जाए। बैठक में एलिवेटेड रोड परियोजना के फेस-1 एवं फेस-2 की प्रगति की समीक्षा भी की गई। फेस-1 के अंतर्गत सीवर समस्या के समाधान की स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अपर मुख्य सचिव ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने फेस-2 के ठेकेदार को 30 मई तक आवश्यक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। शहर की सीवर व्यवस्था पर चर्चा के दौरान आरईपीएल कंपनी के प्रतिनिधि संतोषजनक कार्ययोजना प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर अपर मुख्य सचिव ने कंपनी की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए। जीआईएस मैपिंग के माध्यम से विभिन्न वार्डों में सीवर समस्याओं की समीक्षा की गई तथा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में त्वरित समाधान के लिए प्रस्तावों और टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई गई। उन्होंने निर्देश दिए कि आवश्यक कार्यों को तत्काल स्वीकृति प्रदान की जाए तथा स्मार्ट सिटी के खाली बैठे इंजीनियरों की सेवाएं नगर निगम के कार्यों में ली जाएं। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे एवं सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय तथा आयुक्त-सह-संचालक नगर एवं ग्राम निवेश कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने ग्वालियर विकास प्राधिकरण (जीडीए) एवं विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) की विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की। बैठक में नई आवासीय योजनाओं, अधोसंरचना विकास एवं अन्य परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।