उत्तर मध्य रेलवे के कर्मचारी द्वारा कर्तव्यनिष्ठा, सतर्कता एवं मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट परिचय देते हुए एक युवती को सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया गया।
आज दिनांक 29 अप्रैल 2026 को 12722 दक्षिण एक्सप्रेस में ड्यूटी के दौरान विदिशा स्टेशन पार करने के पश्चात कोच D/5 में निरीक्षण करते समय रेलकर्मी को एक युवती संदिग्ध एवं परेशान अवस्था में सीट के पास बैठी दिखाई दी। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उनसे पूछताछ की गई। काफी समझाने-बुझाने के बाद युवती ने अपना नाम कायरा खान (उम्र 18 वर्ष) बताया तथा बताया कि वह मुरैना स्टेशन से घर से निकलकर ट्रेन में आ गई थी।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल मंडल नियंत्रण कार्यालय /भोपाल को दूरभाष के माध्यम से सूचना दी गई तथा तत्पश्चात नियंत्रण कार्यालय /झाँसी को भी अवगत कराया गया। समन्वित कार्रवाई करते हुए भोपाल स्टेशन पर उक्त युवती को सुरक्षित रूप से GRP के सहा.उप निरीक्षक श्री अमरदीप त्रिपाठी के सुपुर्द कर दिया गया, जिससे आगे आवश्यक विधिक एवं सुरक्षा संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
यह कार्य रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता, जिम्मेदारी एवं मानवीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। समय रहते की गई इस सजग कार्रवाई से एक युवती को सुरक्षित संरक्षण मिल सका। रेल प्रशासन ने इस सराहनीय कार्य के लिए संबंधित कर्मचारी की संवेदनशीलता एवं कर्तव्यपरायणता की प्रशंसा की है। यह घटना दर्शाती है कि रेलवे केवल यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन में भी सदैव तत्पर है।