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आईटीएम ग्वालियर में 8वां राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सस्पायर-2026‘ आयोजित


- प्रतिस्पर्धा और तकनीकी दबाव के इस दौर में संतुलित जीवनशैली, भावनात्मक सुदृढ़ता एवं मानवीय मूल्यों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक हैः प्रोफेसर डाॅ. राजकुमार आचार्य

- चुनौतियां हर नवाचार के द्वार खोलती हैंः प्रोफेसर डाॅ. मनोज पटवर्धन

- अकादमिक शिक्षा और उद्योग जगत की आवश्यकताओं के बीच समन्वय स्थापित करना होगाः प्रवीण अग्रवाल

- एआई ड्रिवेन मैनेजमेंट सिस्टम में डेटा की भूमिका अत्यंत केंद्रीय एवं निर्णायक होती हैः डाॅ. मीनाक्षी मजूमदार

- 11 राज्यों से आए शोधार्थियों अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए

ग्वालियर । आईटीएम ग्वालियर के प्रबंधन विभाग द्वारा 8वां राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सस्पायर-2026‘ का भव्य आयोजन किया गया। संस्थान के सिथौली कैंपस में आयोजित सस्पायर-2026 का विषय ‘समावेशी विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमता आधारित प्रबंधन, ईएसजी समेकन एवं उद्यमशील उत्कृष्टता‘ रहा। जहां अतिथियों के रूप में प्रोफेसर डाॅ. राजकुमार आचार्य (कुलगुरु, जीवाजी विश्वविद्यालय), प्रोफेसर डाॅ. मनोज पटवर्धन (एबीवीट्रिपल आईटीएम ग्वालियर), प्रोफेसर डाॅ. एलएन कोली (दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट), प्रवीण अग्रवाल (प्रेसिडेंट ग्वालियर मैनेजमेंट एसोसिएशन एवं प्रेसिडेंट मप्र चैंबर ऑफ काॅमर्स), थाॅमस मैथ्यू (सीईओ क्यूसीएफआई ग्वालियर चैप्टर) शामिल हुए। वहीं सम्मेलन की अध्यक्षता आईटीएम ग्वालियर की निदेशक डाॅ. मीनाक्षी मजूमदार ने की। इस अवसर पर आईटीएम ग्वालियर के प्रबंध निदेशक डाॅ. दौलत सिंह चौहान, डीन अकादमिक डाॅ. एसएस चौहान, डीन आईक्यूएसी डाॅ. राजीव सिंह, डीन रिसर्च डाॅ. दीपेश भारद्वाज, डीन एडमिनिस्ट्रेशन डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव, कार्यक्रम का नेतृत्व आईटीएम प्रबंधन विभाग की विभागाध्यक्ष डाॅ. प्रीति सिंह द्वारा किया गया एवं आयोजन सचिव डाॅ. अंकित गुप्ता और डाॅ. आदर्श गुप्ता सहित विभिन्न विभाग के विभागाध्यक्ष, डीन, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

प्रतिस्पर्धा और तकनीकी दबाव के इस दौर में संतुलित जीवनशैली, भावनात्मक सुदृढ़ता एवं मानवीय मूल्यों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक हैः प्रोफेसर डाॅ. राजकुमार आचार्य
आईटीएम ग्वालियर के प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित 8वें राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सस्पायर-2026‘ में अतिथि के रूप में शामिल हुए प्रोफेसर डाॅ. राजकुमार आचार्य (कुलगुरु, जीवाजी विश्वविद्यालय) ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज एआई न केवल तकनीकी क्षेत्रों तक सीमित है, बल्कि शिक्षा, प्रबंधन एवं सामाजिक संरचनाओं को भी गहराई से प्रभावित कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा और तकनीकी दबाव के इस दौर में संतुलित जीवनशैली, भावनात्मक सुदृढ़ता एवं मानवीय मूल्यों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को तकनीक के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी विकसित करने की प्रेरणा दी।

चुनौतियां हर नवाचार के द्वार खोलती हैंः प्रोफेसर डाॅ. मनोज पटवर्धन
8वें राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सस्पायर-2026‘ में अतिथि प्रोफेसर डाॅ. मनोज पटवर्धन (एबीवीट्रिपल आईटीएम ग्वालियर) ने ईएसजी के महत्व, उद्यमशील उत्कृष्टता और चुनौतियों में अवसर खोजने की आवयकता पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज के व्यवसायिक परिवेश में केवल लाभ अर्जन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सतत विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने उद्यमशील उत्कृष्टता को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि चुनौतियां ही नवाचार के द्वार खोलती हैं और युवाओं को कठिन परिस्थितियों में भी अवसर खोजने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। 
8वें राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सस्पायर-2026‘ में अतिथि प्रोफेसर डाॅ. एलएन कोली ने कहा कि आज के समय में शोध कार्यों में एआई का व्यापक उपयोग हो रहा है, लेकिन उसका प्रभावी, संतुलित एवं नैतिक उपयोग भी उतना ही आवश्यक है। 

अकादमिक शिक्षा और उद्योग जगत की आवश्यकताओं के बीच समन्वय स्थापित करना होगाः प्रवीण अग्रवाल
8वें राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सस्पायर-2026‘ में अतिथि प्रवीण अग्रवाल (प्रेसिडेंट ग्वालियर मैनेजमेंट एसोसिएशन एवं प्रेसिडेंट मप्र चैंबर ऑफ काॅमर्स) ने ग्वालियर मैनेजमेंट एसोसिएशन की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए अकादमिक शिक्षा और उद्योग जगत की आवश्यकताओं के बीच समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। 
वहीं 8वां राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सस्पायर-2026‘ में अतिथि थाॅमस मैथ्यू ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

एआई ड्रिवेन मैनेजमेंट सिस्टम में डेटा की भूमिका अत्यंत केंद्रीय एवं निर्णायक होती हैः डाॅ. मीनाक्षी मजूमदार
8वें राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सस्पायर-2026‘ के अवसर पर आईटीएम ग्वालियर के प्रबंध निदेशक डाॅ. दौलत सिंह चौहान ने आईटीएम प्रबंधन विभाग को राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे उत्कृष्ट शैक्षणिक आयोजनों के लिए शुभकामनाएं दीं। 
वहीं 8वें राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सस्पायर-2026‘ की अध्यक्षता कर रहीं आईटीएम ग्वालियर की डायरेक्टर डाॅ. मीनाक्षी मजूमदार ने कहा कि एआई-ड्रिवेन मैनेजमेंट सिस्टम में डेटा की भूमिका अत्यंत केंद्रीय एवं निर्णायक होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण, सटीक एवं विश्वसनीय डेटा के अभाव में किसी भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणाली की प्रभावशीलता सीमित हो जाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डेटा केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि रणनीतिक निर्णयों का आधार बन चुका है, जो संस्थानों को अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाता है। उन्होंने कहा कि डेटा के संग्रहण, विश्लेषण एवं उपयोग में नैतिकता, गोपनीयता और सुरक्षा के मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।

11 राज्यों से आए शोधार्थियों अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए
आईटीएम ग्वालियर के प्रबंधन विभाग द्वारा 8वें राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सस्पायर-2026‘ कुल चार तकनीकी सत्र (दो आॅफलाइन और दो ऑनलाइन) आयोजित किए गए। जिसमें देश के 11 राज्यों के लगभग 200 शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर शोध, नवाचार और समकालीन प्रबंधन विषयों पर सारगर्भित चर्चा करने के साथ ही अपने-अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। 

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