गरीब को बीमारी से कम अस्पतालों के बिल से ज्यादा डर लगता हैः सुरेन्द्र यादव
ग्वालियर। आज मध्यप्रदेश की जनता सबसे ज्यादा परेशान है तो वह स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर परेशान है। जब कोई गरीब बीमार पड़ता है तो उसे बीमारी से कम, अस्पतालों के बिल से ज्यादा डर लगता है। भाजपा सरकार ने अस्पतालों को सेवा केंद्र नहीं, शोषण केंद्र बना दिया है। निजी डॉक्टर मनमानी फीस ले रहे हैं, पैथोलॉजी लैब जांच के नाम पर गरीब जनता को लूट रहे हैं। यह कहना है शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव का। उन्होंने मुख्यमंत्री डज्ञ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था, निजी अस्पतालों की मनमानी, सरकारी डॉक्टरों की लापरवाही और गरीब जनता पर पड़ रहे इलाज के भारी बोझ को कम करने एवं मरीजों के इलाज में हो रही लूट खसोट से जनमानस को निजात दिलाने की मांग की है।
कांग्रेस अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि महानगर सहित सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में आज स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही हैं। गरीब, किसान, मजदूर, कर्मचारी और मध्यम वर्गीय परिवार इलाज कराने के लिए अपनी जमीन, गहने और जमा पूंजी बेचने को मजबूर हैं। निजी अस्पतालों और डॉक्टरों ने फीस वसूली का खुला बाजार बना रखा है, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है। इस लूट खसोट से राहत दिलाने के लिए प्रदेशभर में निजी एमबीबीएस एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों की फीस की अधिकतम सीमा तय की जाए, सभी पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई और सोनोग्राफी की एक समान दरें लागू हों तथा शासकीय डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर सख्ती से रोक लगाई जाए। साथ ही सरकारी अस्पतालों में खाली पड़े डॉक्टरों, नर्सों और तकनीकी कर्मचारियों के पद तत्काल भरे जाएं, सभी आवश्यक दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाएं तथा जिला एवं तहसील अस्पतालों में आधुनिक मशीनें और आईसीयू सुविधाएं स्थापित की जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुये कहा है कि यदि शीघ्र निर्णय लेकर जनता को राहत नहीं दी गई तो कांग्रेस पार्टी जनआंदोलन छेड़ेगी और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल जनता के बीच खोलेगी। यह लड़ाई राजनीति की नहीं, जनता के जीवन की लड़ाई है। कांग्रेस जनता के साथ थी, है और रहेगी।