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नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल कानून नहीं देश के नेतृत्व का नया अध्याय: कलेक्टर श्रीमती चौहान

ग्वालियर । नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून भर नहीं बल्कि देश की नीति-निर्धारण में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने वाला एक क्रांतिकारी कदम है। यह अधिनियम हमारे आत्म सम्मान और राजनैतिक अधिकार का उदघोष भी है। यह अधिनियम महिलाओं के नेतृत्व कौशल से देश को नई ऊचाँइयों पर ले जाएगा। इस आशय के विचार महिला सशक्तिकरण के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता का परचम लहरा रहीं ग्वालियर की नारी शक्ति ने व्यक्त किए।
मौका था जिला प्रशासन द्वारा जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल सभागार में आयोजित की गई नारी शक्ति वंदन संगोष्ठी का। इस अवसर पर सभी ने ऐतिहासिक “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” की खुशियां सांझा की। साथ ही महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस क्रांतिकारी कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति कृतज्ञता भी व्यक्त की। ग्वालियर की धरा नारी शक्ति वंदन अधिनियम आने की खुशी से सराबोर दिखी। अटल सभागार का भव्य मंच जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर स्मिता सहस्त्रबुद्धे, एलएनआइपी की कुलगुरु डॉ कल्पना शर्मा, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती कृष्णकांता तोमर, सुप्रसिद्ध समाजसेविका सुश्री मीनाक्षी पिशवे, पूर्व महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती विदिता डागर, समाजसेवी श्रीमती नीलिमा शिंदे, अधिवक्ता श्रीमती चित्रा बैस, डीआरडीई की वैज्ञानिक डॉ मनीषा सेठी, चिकित्सक डॉ बिंदु सिंघल, महिला हॉकी कॉच श्रीमती वंदना उइके, सीएसपी श्रीमती हिना खान व समाजसेवी श्रीमती अंजली गुप्ता बत्रा से सुशोभित था। वहीं विशाल अटल सभागार नारी शक्ति से खचा-खच भरा था।
जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव ने कहा कि समाज और देश की प्रगति तभी संभव है जब देश की आधी आबादी अर्थात महिलाओं की बराबर की भागीदारी होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसी सोच के साथ महिलाओं को लोकसभा व विधानसभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का क्रांतिकारी निर्णय लिया है।एलएनआइपीई की निदेशक डॉ कल्पना शर्मा ने कहा कि स्त्रियों में नेतृत्व की अपार क्षमता होती है। महिलाएं ही वास्तविक रूप से घर संभालती हैं। जो घर चला सकता है वह देश भी चला सकता है। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरु श्रीमती स्मिता सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि महिला शक्ति को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के रूप में राजनैतिक रूप से बड़ा उपहार मिलने जा रहा है। अब नारी शक्ति की बारी है कि वह अपने नेतृत्व से इसे सही साबित करके दिखाए। 
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं के निर्णय लेने और नीति निर्धारण का अधिकार मिलने जा रहा है। लाखों करोड़ों घरों को चलाने वाली महिलाओं का अब इस अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभा में प्रतिनिधित्व होगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नर-नारी दो पहियों के समान होते हैं। जब दोनों पहिये साथ चलेंगे तो निश्चित ही यह व्यवस्था मजबूत होगी और विकास को भी गति मिलेगी। कलेक्टर ने कहा कि महिलाएं अपने नेतृत्व क्षमता से यह साकार करके दिखाएं कि निर्णय लेने में वे पूरी तरह सक्षम हैं। 
वरिष्ठ समाजसेविका श्रीमती मीनाक्षी ताई ने कहा कि स्त्री शक्ति स्वरूपा होती है। इसलिए महिलाएं अपनी शक्ति का सदुपयोग कर यह करके दिखाएं कि आरक्षण हमारे लिए एक अवसर है , हमारे अंदर प्रतिभा की कमी नहीं है। राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती कृष्णकांता तोमर ने कहा कि जिस देश की नारी जागृत होती है वह देश भी जागृत होता है। हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संसद व विधानसभाओं में महिलाओं की आवाज और बुलंद होगी। पूर्व महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम से पूरे देश के साथ ग्वालियर की महिला भी उत्साहित है। अब पंचायतों और नगरीय निकायों की तरह संसद और विधानसभाओं में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इस अधिनियम के माध्यम से अब बेटियाँ भी देश को आगे बढाने में मुख्य भूमिका निभाएंगी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री विदिता डागर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम वास्तव में समाज व देश के निर्माण के लिये विभिन्न मोर्चों पर सफलता पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहीं नारी शक्ति का वंदन है। आरंभ में दीप प्रज्जवलन कर अतिथियों ने संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मण्डल की परीक्षाओं में ग्वालियर का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण शामिल हुए । स्वागत उदबोधन जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्रीमती उपासना राय ने दिया। नारी शक्ति वंदन संगोष्ठी के बाद कार्यक्रम में भाग लेने आईं महिलाओं ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया तिराहा पर पहुँचकर मानव श्रृंखला बनाई और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। साथ ही अपनी खुशियां साझा कीं। 

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