स्वदेशी मेला दीपोत्सव में वाद-विवाद प्रतियोगिता, विवाह, महिला आत्मनिर्भरता और पारिवारिक मूल्यों पर हुआ विचार-मंथन
एआई से भारतीय संस्कृति तक, विद्यार्थियों ने तर्कों से दिखाया ज्ञान
ग्वालियर। स्वदेशी मेला दीपोत्सव-2026 के चौथे दिन शनिवार को आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने तकनीक, भारतीय संस्कृति और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों पर तर्कों के साथ अपने विचार रखे। स्कूली विद्यार्थियों ने ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग वरदान’ और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने ‘महिलाओं में बढ़ रही विवाह और संतति न करने की प्रवृत्ति का समाज पर प्रभाव’ विषय पर पक्ष-विपक्ष में विचार प्रस्तुत किए।
एआई से पढ़ाई आसान, जिम्मेदार उपयोग जरूरी
स्कूली विद्यार्थियों ने एआई के पक्ष में कहा कि इससे जानकारी जुटाने, प्रोजेक्ट बनाने, शोध और प्रस्तुतियां तैयार करने में समय की बचत होती है। इसके माध्यम से वेद, पुराण और रामायण जैसे प्राचीन ग्रंथों की जानकारी लेकर भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समझना भी आसान हुआ है। वहीं, विपक्ष में विद्यार्थियों ने कहा कि एआई से मिली जानकारी की प्रामाणिकता जांचना जरूरी है। तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता के बजाय रचनात्मकता और निर्णय क्षमता विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए।
विवाह और मातृत्व पर रखे विचार
महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने महिला आत्मनिर्भरता, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक मूल्यों पर चर्चा की। पक्ष में वक्ताओं ने परिवार और अगली पीढ़ी के प्रति जिम्मेदारियों तथा भारतीय संस्कृति के महत्व को रेखांकित किया। वहीं, विपक्ष ने कहा कि विवाह और संतान का निर्णय व्यक्तिगत परिस्थितियों, इच्छाओं और जिम्मेदारियों के आधार पर होना चाहिए। महिलाओं की शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और परिवार में समान जिम्मेदारियों को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
डॉ. नीति पांडे ने किया संयोजन
प्रतियोगिता का संयोजन सांस्कृतिक संयोजक डॉ. नीति पांडे ने किया, जबकि संचालन महिला कार्य विभाग की संयोजक रोली श्रीवास्तव ने किया। निर्णायक मंडल में एडवोकेट आनंद करारा, अंशू भदौरिया और सरिता शर्मा शामिल रहीं।
आज पोस्टर बनाएंगे विद्यार्थी
रविवार, 25 अक्टूबर को मेले में ‘पर्यावरण संरक्षण’ विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता होगी। इसमें विद्यार्थी चित्रों के माध्यम से पर्यावरण बचाने और जनजागरूकता का संदेश देंगे।