उन्नत बीज और वैज्ञानिक तकनीक से तिल की खेती बनेगी अधिक लाभकारी
- गुन्धारा में तिल के जी.टी.-7 प्रजाति पर प्रक्षेत्र दिवस आयोजित, 70 कृषकों ने देखे प्रदर्शन प्रक्षेत्र
ग्वालियर। तिल की उन्नत प्रजाति और वैज्ञानिक उत्पादन तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन एवं आय प्राप्त कर सकते हैं। इसी उद्देश्य से कृषि विज्ञान केन्द्र, ग्वालियर द्वारा खरीफ-2026 में समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के तहत तिल की उन्नत प्रजाति जी.टी.-7 पर ग्राम सिरसौद एवं गुन्धारा में आयोजित प्रदर्शनों के परिणामों से किसानों को रूबरू कराया गया। ग्राम गुन्धारा में आयोजित प्रक्षेत्र दिवस में करीब 70 कृषकों एवं कृषक महिलाओं ने भाग लेकर फसल की स्थिति, उत्पादन तकनीक तथा प्रबंधन संबंधी जानकारी प्राप्त की।
अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के अंतर्गत कुल 20 हेक्टेयर क्षेत्र में 50 कृषकों के प्रक्षेत्र शामिल किए गए थे। प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. राजीव सिंह चैहान एवं डॉ. अमिता शर्मा द्वारा किया गया। वैज्ञानिकों ने प्रदर्शन प्रक्षेत्रों का भ्रमण कर फसल की स्थिति का अवलोकन किया और किसानों से खेती में आ रही समस्याओं पर चर्चा की। डॉ. राजीव सिंह चैहान ने तिल की उन्नत प्रजाति जी.टी.-7 की विशेषताओं की जानकारी देते हुए समय पर बुवाई, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा खरपतवार, कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव कराना है।
डॉ. अमिता शर्मा ने प्राकृतिक खेती में मृदा स्वास्थ्य, जैव विविधता और स्थानीय संसाधनों के संरक्षण के महत्व को समझाया। उन्होंने खेत के अवशेषों के उचित प्रबंधन तथा रासायनिक आदानों के संतुलित उपयोग की सलाह दी। कार्यक्रम में आगामी रबी मौसम में सरसों पर अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन आयोजित किए जाने की जानकारी भी किसानों को दी गई।