राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर, कलेक्टरों की पोस्टिंग भी पैसों मेंः जीतू
ग्वालियर। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि राज्य में अब भ्रष्टाचार चरम पर है और यहां भ्रष्टाचार हर स्तर तक फैल चुका हैं। यहां तक कि कलेक्टर स्तर तक भ्रष्टाचार फैल गया है और कोई भी काम बिना लिये दिये नहीं हो रहा है।
शुक्रवार को ग्वालियर प्रवास पर आये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार बहुत बढ़ चुका है, बल्कि कलेक्टरों की पोस्टिंग भी पैसों के आधार पर ही हो रही है। इस भ्रष्टाचार का खामियाजा अब जनता को भुगतना पड़ रहा है। जीतू पटवारी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी जी को एक पत्र भी लिखा है, जिसमे कहा है कि मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव व चीफ सेकेटरी दोनों ने स्वीकार किया है कि जिले में हर कलेक्टर पैसा ले रहा है। पहले यह भ्रष्टाचार 50 प्रतिशत था अब इस सरकर ने यह गैप भी तोड़ दिया है। अब कलेक्टर अपनी पोस्टिंग के पैसे निकाल रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चाहे तहसीलदार हो या पटवारी या अन्य कर्मचारी हर जगह करप्शन है। ग्वालियर की ही बात करें तो मैं पत्रकारों से पूछता हूं कि आप बताओ कोई ऐसा कार्यालय है जहां रिश्वत नहीं ली जाती। मुस्लिम मतदाताओं के वोट काटे जाने के आरोपों पर पटवारी ने कहा कि भाजपा ने अपने सभी मंत्रियों को इस काम में लगा दिया है। अब तक 11 लाख से अधिक आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है। महू में दूषित पानी निकलने के मामले पर पटवारी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में 25 साल से एक ही सरकार है, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सुना था कि पीने के पानी में जहर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में जहरीले पानी से 25 लोगों की मौत हो चुकी है। ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती बन्द करने से जुड़े सवाल पर कहा- स्वाभाविक है की आउटसोर्स व्यवस्था चालू ही क्यों की गई थी? क्योंकि आप नियमित नौकरी नहीं देना चाहते थे। क्योंकि आप सारे पद ईमानदारी से नहीं भर रहे थे। भारतीय जनता पार्टी पूरी सरकार आउटसोर्स पर चलना चाहती है, मंत्रालय आउटसोर्स पर चलना चाहती है। स्वास्थ्य विभाग आउटसोर्स पर जा चुका है यह आउटसोर्स की ही सरकार है लेकिन जिन कर्मचारियों ने सालों काम किया है उनके भविष्य का क्या होगा। यह सरकार असंवेदनशील है उनको किसी की संवेदनाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता है।