ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में सरस्वती प्रकटोत्सव पर पूजन, सम्मान एवं महाआरती का आयोजन किया। कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने कहा कि आज ही के दिन विद्यादायनी मां सरस्वती का जन्म हुआ था। विद्या आत्मा को परमात्मा से जोड़ती है, जिससे व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। कुलसचिव डॉ. राजीव मिश्रा ने कहा कि विद्या बच्चों में आध्यात्मिक शक्ति का विकास करती है, जो उन्हें निरंतर प्रगति की ओर ले जाती है। डीसीडीसी प्रो. शांतिदेव सिसोदिया ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का होना भी अनिवार्य है। इससे पहले स्थायी कर्मी संघ के अध्यक्ष यतेंद्र शर्मा के संयोजन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां पूजन एवं अभिषेक किया। उन्होंने कर्मचारियों से विद्यार्थियों के हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। अंत में अध्यक्ष यतेंद्र शर्मा ने पदाधिकारियों के साथ कुलगुरु व कुलसचिव को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट की। इस अवसर पर उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह, सचिव द्वारका प्रसाद झा, संयुक्त सचिव जयराम रजक आदि कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।