केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने लद्दाख को खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों की मेजबानी क्षमता के लिए दी बधाई

• केआईडब्ल्यूजी 2026 के लेह चरण का उद्घाटन लद्दाख के माननीय उपराज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता ने किया, प्रधानमंत्री मोदी की खेल दृष्टि की सराहना की
• पहली बार आइस स्केटिंग प्रोग्राम में फिगर स्केटिंग को शामिल किया गया
• खिलाड़ियों और कोचों सहित लगभग 1,060 प्रतिभागी खेलों में भाग ले रहे हैं; पहला चरण 26 जनवरी को होगा संपन्न
*लेह (लद्दाख), * : छठे खेलो इंडिया शीतकालीन खेल 2026 का भव्य शुभारंभ मंगलवार को नावांग दोरजे स्तोबदान (एनडीएस) स्टेडियम में हुआ। पारंपरिक संगीत और लोक नृत्यों से सजे रंगारंग उद्घाटन समारोह में लद्दाख के माननीय उपराज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता ने खेलों को औपचारिक रूप से घोषित किया। उद्घाटन समारोह में सेना और लद्दाख के बीच प्रदर्शनी आइस हॉकी मैच खेला गया। आइस स्केटिंग और आइस हॉकी जैसे आइस स्पोर्ट्स की मेजबानी कर रहा लद्दाख चरण 26 जनवरी को संपन्न होगा। यह तीसरी बार है, जब केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों की मेजबानी कर रहा है। खेलों का स्नो लेग इस वर्ष के अंत में गुलमर्ग (जम्मू एवं कश्मीर) में आयोजित किया जाएगा।
खेलो इंडिया शीतकालीन खेल 2026 के पहले चरण का आयोजन केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के युवा सेवा एवं खेल विभाग द्वारा भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के पर्यवेक्षण में किया जा रहा है। आइस स्पोर्ट्स के आयोजन के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
*लद्दाख के लिए अपने संदेश में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा,* “मैं केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को एक बार फिर खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों की सफल मेजबानी और पूरे आत्मविश्वास व क्षमता के साथ यह सिद्ध करने के लिए बधाई देता हूँ कि भारत के शीतकालीन खेलों का भविष्य हिमालय से आकार ले रहा है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में लद्दाख इस बात का प्रतीक बनकर उभरा है कि केंद्रित नीति, मजबूत बुनियादी ढाँचा और स्थानीय प्रतिबद्धता से क्या हासिल किया जा सकता है। जिस उत्कृष्ट ढंग से इन खेलों का आयोजन किया गया है, वह देशभर को यह स्पष्ट संदेश देता है कि शीतकालीन खेल अब भारत की प्रतिस्पर्धी खेल
संरचना का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं और इन्हें गंभीरता, व्यापक स्तर और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।”
डॉ. मांडविया ने आगे कहा, “खेलो इंडिया शीतकालीन खेल 2026 को जानबूझकर दो चरणों में आयोजित किया गया है।लेह में आइस स्पोर्ट्स हो रहे हैं और उसके बाद फरवरी में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर के गुलमर्ग में स्नो स्पोर्ट्स का आयोजन होना है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को निरंतरता, गहराई और उच्च गुणवत्ता का प्रतिस्पर्धी अनुभव प्रदान करना है। यह संरचना खिलाड़ियों को विभिन्न भू-भागों और परिस्थितियों में स्वयं को परखने का अवसर देती है, जो अंतर्राष्ट्रीय शीतकालीन खेल मानकों के अनुरूप है। इस प्रकार की लगातार हो रहीं घरेलू प्रतियोगिताएँ भारत के लिए आवश्यक हैं, ताकि देश केवल छिटपुट भागीदारी तक सीमित न रहकर शीतकालीन
ओलंपिक खेलों में विश्वसनीयता, निरंतरता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित कर सके।”
*उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए श्री कविंदर गुप्ता ने बताया कि किस प्रकार माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की खेलों को बढ़ावा देने की दूरदृष्टि से लद्दाख को व्यापक लाभ हुआ है।* उन्होंने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है।
खेलो इंडिया पहल के माध्यम से युवा सशक्तिकरण, शारीरिक फिटनेस और खेल उत्कृष्टता को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के रूप में स्थापित किया गया है।”
*श्री गुप्ता ने आगे कहा,* “लगातार तीसरे वर्ष खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों की मेजबानी करना लद्दाख के लिए गर्व का विषय है। यह लद्दाख की क्षमता, प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट आयोजन कौशल पर राष्ट्र के विश्वास को दर्शाता है।” खेलो इंडिया शीतकालीन खेल 2026 में कुल 1,060 प्रतिभागी (जिनमें 480 खिलाड़ी शामिल हैं), भाग ले रहे हैं।
प्रतियोगिताएँ तीन स्थलों- नवसज्जित एनडीएस स्टेडियम, गुपुख तालाब और लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर आइस रिंक पर आयोजित की जा रही हैं। फिगर स्केटिंग, जो एक ओलंपिक खेल है) और जिसमें भारतीय खिलाड़ी लगातार तरक्की कर रहे हैं, को पहली बार खेलों के कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
उद्घाटन समारोह में डॉ. मोहम्मद जाफर अखून, माननीय मुख्य कार्यकारी पार्षद, लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (करगिल), केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य सचिव श्री आशीष कुंद्रा, भारतीय खेल प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
*प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना के अनुरूप लद्दाख में खेल विकास की दिशा में हो रही तेज प्रगति का उल्लेख करते हुए श्री गुप्ता ने कहा* कि हाल ही में लद्दाख को उसकी पहली खेल नीति प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा, “यह नीति स्कूल स्तर पर प्रतिभा की पहचान, महिलाओं और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए समावेशी खेल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण, लद्दाख खेल परिषद को सशक्त बनाने, उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण, सुनिश्चित छात्रवृत्तियाँ, 100 करोड़ रुपए तक के नकद पुरस्कार, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल बुनियादी ढाँचे के विकास, उत्कृष्टता केंद्रों के विस्तार, उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कोचों के लिए प्रोत्साहनों,
शिक्षा के साथ खेलों के एकीकरण और खेल पर्यटन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह नीति लद्दाख के युवाओं को पेशेवर रूप से खेल अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे विशेष प्रसन्नता है कि इस वर्ष पहली बार फिगर स्केटिंग को शामिल किया गया है, जो खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भविष्य के संस्करणों में आइस बॉल को शामिल करने की भी योजना है, जिससे भारत में शीतकालीन खेलों का दायरा और अधिक विस्तृत होगा।”
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