ग्वालियर। रबी सीजन में किसानों को खाद की सुचारू उपलब्धता और कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देशन एवं कृषि उपसंचालक भानु प्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन में कृषि विभाग की टीमों ने जिले भर में निजी उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण शुरू किया है। रविवार को मुरार गंज स्थित गणेश ट्रेडिंग कंपनी, हरिशंकर माथूलाल, न्यू गंभीर खाद भंडार मुरार, लक्ष्मीगंज स्थित शिव फर्टिलाइजर तो वहीं तीसरी टीम ने डबरा में आधा दर्जन संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया।
डबरा कृषि विभाग की टीम ने कामतानाथ बीज भंडार, मां उर्वरक खाद भंडार, किसान एग्रीटेक डबरा, आदि उर्वरक संस्थानों का पीओएस स्टॉक और भौतिक स्टॉक का सत्यापन किया, जो समान पाया गया। उप संचालक कृषि भानु प्रकाश शर्मा ने बताया कि कृषि विभाग की टीमों द्वारा पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक का मौके पर मौजूद वास्तविक स्टॉक से मिलान किया जा रहा है। साथ ही स्टॉक रजिस्टर और बिक्री के रिकॉर्ड की भी जांच हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिला, या अवैध भंडारण और वितरण की पुष्टि हुई तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक वितरण में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा और किसानों के हितों के खिलाफ लापरवाही पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।