डीन पर हुये हमले के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने दिया धरना
- 1000 बिस्तर अस्पताल में 5 ओपीडी बंद रही, जांच के लिए भटकते रहे मरीज
ग्वालियर। 1000 बिस्तर अस्पताल में जीआरएमसी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ के साथ मारपीट के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से बुधवार को ओपीडी व्यवस्था प्रभावित हुई। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) ने पूर्णतः कलमबंद हड़ताल का ऐलान किया है। बुधवार सुबह से 70 से 80 जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर बैठ गए, जबकि 250 से 300 सीनियर डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीजों का इलाज जारी रखा। अस्पताल में कुछ डॉक्टरों के केबिन और जांच कक्ष बंद मिले। इससे मरीजों को जांच और परामर्श के लिए परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, सर्जरी, डेंटल, अस्थि रोग और नेत्र विभाग में कामकाज नियमित रूप से चलता रहा।
जूनियर डॉक्टर्स की कलमबंद हड़ताल के कारण जांचें नहीं हो सकी। चर्म रोग विभाग के रूम नंबर 3 और हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी विभाग के रूम नंबर 6 में भी कामकाज बंद रहा। हड़ताल के बीच सर्जरी ओपीडी में सीनियर डॉक्टर और स्टाफ मौजूद रहे। यहां मरीजों का इलाज जारी रहा। अस्पताल में इलाज और जांच कराने पहुंचे मरीजों ने बताया कि वे दूरदराज के गांवों से सुबह ही अस्पताल आ गए थे, लेकिन कई कमरों पर ताले लगे मिले। ऐसे में उन्हें निजी जांच केंद्रों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जूनियर डॉक्टरों ने डीन पर हमले के विरोध में मंगलवार रात ही ओपीडी का काम ठप करने का आह्वान किया था। बुधवार को जूडा ने पूर्णतः कलम बंद हड़ताल की। जूडा प्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक विरोध जारी रहेगा।