स्मार्ट सिटी परियोजनाओं से राजस्व बढ़ाने बने ठोस कार्ययोजना: सांसद कुशवाह
ग्वालियर। स्मार्ट सिटी की पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर उनसे राजस्व आय बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। इसके साथ ही आईएसबीटी, थीम पार्क, डिजिटल व इंडस्ट्रियल म्यूजियम जैसी आयमूलक परियोजनाओं का संचालन कर रही एजेंसियों का मूल्यांकन कर बकाया वसूली सुनिश्चित करें। भुगतान में लापरवाही बरतने वाले वेंडरों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यह बात बुधवार को आयोजित हुई स्मार्ट सिटी के कार्याे की समीक्षा बैठक कर रहे सांसद भारत सिंह कुशवाह ने कही। उन्होंने स्मार्ट सिटी के तहत ग्वालियर शहर में जुड़ रहे आयामों के रख-रखाव और संधारण की पुख्ता व्यवस्था करने पर भी विशेष बल दिया। बैठक में नगर निगम अपर आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी सीईओ टी प्रतीक राव सहित स्मार्ट सिटी के विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक मे सचिन तेंदुलकर मार्ग उन्नयनीकरण, मल्टीलेवल कार पार्किंग एवं कन्वेंशन सेंटर की प्रगति की समीक्षा के साथ ही पूर्ण हो चुकी स्मार्ट सिटी की परियोजनाओ से प्राप्त होने वाले राजस्व, स्मार्ट सिटी की वित्तीय सहायता से नगर निगम द्वारा कराये जा रहे कार्याे पर विस्तार से विचार मंथन हुआ। राजस्व और वेंडर्स की कार्यप्रणाली पर सख्ती दिखाते हुए कुशवाह ने निर्देश दिए कि विभिन्न स्थानों पर हुए कार्यों की लिस्टिंग की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी वेंडर जिनके द्वारा स्मार्ट सिटी को राजस्व दिया जाता है उनके पेन्डिंग राजस्व को तुरन्त जमा कराये जाने की कार्यवाही की जाये। लेटलतीफी वाले वेंडरो के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाये। इसके अतिरिक्त, जिन परियोजनाओं में प्रगति नही आ रही है, उनके वेंडर्स पर भी तत्काल कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया। मल्टी-लेवल कार पार्किंग की समीक्षा के दौरान स्मार्ट सिटी सीईओ टी प्रतीक राव ने परिसर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु किए गए तकनीकी उपायों की जानकारी दी, जिसको लेकर सांसद कुशवाह ने कहा कि जनता की सुविधा के लिए पार्किंग की जो मंजिलें बनकर तैयार हो चुकी हैं, वहां जल्द से जल्द वाहनों की पार्किंग को क्रियांवित कराया जाए। समीक्षा बैठक मे सांसद कुशवाह ने स्मार्ट सिटी की वित्तीय सहायता से नगर निगम द्वारा कराये जा रहे मोतीमहल स्थित नगर निगम के संग्रहालय जीणोद्धार कार्य एवं कन्वेंशन सेंटर के बजट का निर्धारण किसी तीसरी पार्टी से आंकलन कराये जाने को लेकर भी दिशा निर्देश दिये। साथ ही यह भी निर्देशित किया कि अगली समीक्षा बैठक में संग्रहालय की पूरी डीपीआर आवश्यक रूप से प्रस्तुत की जाए।