गांधी रोड रोशनी में नहाया, शहर के मार्ग अंधेरे में डूबे
- सड़कों पर भिड़ रहे वाहन, वाहन चालक हो रहे घायल
ग्वालियर। नगर निगम की अनदेखी का हाल इनदिनों शहर की सड़कों पर चल रहे लोगों को भुगतना पड़ रहा है। हालात ये है कि इन मुख्य मार्ग पर रात में अंधकार रहने से अक्सर वाहन गड्ढों व डिवाइडरों से असंतुलित हो जाते हैं। ऐसा नहीं की इन पर बिजली के पोल नहीं हों मगर यह मार्ग फिर भी अंधकार में रहते हैं।
शहर के ज्यादातर मार्गों पर शाम सात बजे से रात दस बजे तक ट्रैफिक का सर्वाधिक दबाव रहता है। ऐसे में रोड पर प्रकाश का इंतजाम भी न होने से दुर्घटना का सर्वाधिक भय रहता है। शिंदे की छावनी इलाका ऐसा है जहां हर मार्ग पर वाहनों की रेलमपेल रहती है। शिंदे की छावनी का मुख्य चौराहा रात में इक्का-दुक्का पोल से चमकता रहता है। वहीं बोहडापुर की ओर जाने वाले एकल मार्ग पर हर पांच-पांच मीटर की दूरी पर गहरे गड्ढे हैं। इन मार्ग पर लाइट न होने से वाहन अक्सर एक दूसरे से भिड़ जाते हैं।
इसी तरह की स्थिति स्टेशन क्षेत्र की है। यहां पर तेजी से स्टेशन परिसर विकसित हो रहा है। अंधकार रहने से यहां आ रहे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें बाहर निकलने का रास्ता सुझाई नहीं दे रहा है। शहर में नया बनाया ओवरब्रिज भी अक्सर रात में अंधकार में डूबा रहता है।
ओवरब्रिज पर भी अंधकार
यहीं हाल एजी पुल का है। यहां रात में भी स्ट्रीट लाइट बंद है। इससे अक्सर तेज रफ्तार वाहन भी टकरा जाते हैं। एजी पुल से सिटी सेंटर की ओर जाने वाले रास्ते में तो अक्सर ही अंधकार रहता है। इससे कई बार आरोग्य धाम के सामने तेज रफ्तार पुल से उतर रहे वाहन अंधेरे में संतुलन खोकर दुर्घटना का शिकार हुआ है। अब तो लोग यह कहने लगे है कि नगर निगम को केवल गांधी रोड की चिंता है। यहां पूरी रात रंग-बिरंगे इलेक्ट्रिक उपकरण से रोशनी बिखेर रहे हैं मगर जहां जरूरत है वहां रात में उजाला नहीं हो रहा है।