शिवमहापुराण कथा में भगवान शिव की बारात निकली
मुरैना। मुरैना के आनंद महल में चल रहीं शिवमहापुराण कथा में चित्रकूट से आए दीनबंधु दास महाराज ने पार्वती जन्म व शिव विवाह की कथा का श्रवण कराया। इस अवसर पर दीनबंधु दास महाराज ने भगवान शिव की बारात का भव्य आयोजन भी किया । शिव बारात जीवाजी गंज स्थित टार्टबरी मंदिर से शुरु हुई शिव बारात में भोलेनाथ दूल्हे रूप में सजे रथ पर सवार होकर निकले, वहीं भूत-प्रेत और गणों के वेश में शामिल रूपों को श्रद्धालुओं ने पूरे माहौल को शिवमय बना दिया। शिव बारात में ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर बाराती झूमते हुए चल रहे थे।
मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की बारात का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
उधर महिलाओं और बच्चों में भी बारात को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। बारात में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। लोगों ने भगवान शिव और माता पार्वती की झांकी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। बारात के समापन के बाद कथा स्थल पर शिव विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया।
शिवपुराण में सुनाई माता पार्वती के जन्म की कथा
शिव महापुराण कथा के दौरान कथावाचक दीनबंधु दास महाराज ने श्रद्धालुओं को माता पार्वती के जन्म और भगवान शिव से उनके विवाह की कथा सुनाई। दीनबंधु दासमहाराज ने बताया कि माता पार्वती ने हिमालयराज के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया । बचपन से ही उनके मन में भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और भक्ति थी। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए और उनकी मनोकामना पूर्ण करने का वरदान दिया। कथावाचक दीनबंधु दास महाराज ने बताया कि माता पार्वती की भक्ति, तप और समर्पण नारी शक्ति का प्रतीक है। इस प्रसंग को सुनकर कथा पंडाल में श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथावाचक दीनबंधु महाराज ने कहा कि सच्ची श्रद्धा और दृढ़ संकल्प से मनुष्य अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।