खजुराहो। ग्राम हकीमपुरा स्थित आयुरग्राम (Temple of Health) में वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन परिवर्तन एनजीओ के संयोजन तथा मतंगेश्वर सेवा समिति एवं दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के प्रमुख पंडित सुधीर शर्मा के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों का पुष्पमाला पहनाकर, शाल ओढ़ाकर एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में केरल से पधारे आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. राजा चन्द्रन एवं डॉ. (श्रीमती) जमुना राजा चन्द्रन ने वरिष्ठ नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए महत्वपूर्ण परामर्श दिए। साथ ही उन्होंने आयुर्वेद आधारित उपचार पद्धति एवं दैनिक दिनचर्या के माध्यम से निरोगी जीवन जीने के उपाय भी बताए। कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े पंडित शर्मा ने उपस्थित सभी वरिष्ठ नागरिकों का कुशलक्षेम जाना तथा उनके स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता एवं वरिष्ठजनों का सम्मान सर्वोच्च स्थान रखता है। उन्होंने वृद्धाश्रमों की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार का नैतिक दायित्व है कि वह अपने बुजुर्गों की सेवा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन हमारे अनुभव, संस्कार और परंपराओं के संवाहक हैं तथा उनका सम्मान ही एक संस्कारित और संवेदनशील समाज की पहचान है।
सम्मान प्राप्त कर सभी वरिष्ठ नागरिक भावुक एवं प्रसन्न दिखाई दिए तथा उन्होंने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयुरग्राम के कृष्णा प्रसाद (केरल) एवं अभिजीत ओस्मोन्ड का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर बुंदेलखंड बैंक, परिवर्तन एनजीओ एवं द वुड्स कैफे के प्रतिनिधियों सहित विजय रजक, रविंद्र पाठक, वीरेंद्र सीगोत, सपना शुक्ला, राकेश राजोरिया, मीना अनुरागी तथा ग्रामीणों में किशोरी लाल अहिरवार, लखन रैकवार, नीरज, गीता, मनोज और गोपी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर मतँगेश्वर सेवा समिति के शैलेन्द्र यादव ने उपस्थित सभी वरिष्ठ नागरिकों, अतिथियों एवं नागरिकों को आगामी 24 अगस्त, सोमवार, सायं 6:30 बजे भगवान श्री मतंगेश्वर महादेव की भव्य महाआरती में सपरिवार सम्मिलित होने का सादर आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं की सहभागिता समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं जनकल्याण की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेगी।
कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, स्वास्थ्य जागरूकता एवं भारतीय पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करना था। आयुरग्राम की यह पहल सेवा, सम्मान और स्वास्थ्य के समन्वय का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर समाज में बुजुर्गों के प्रति आदर, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को सशक्त करने का संदेश देती है।