ग्वालियर। माधव प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एमआईटीएस), सम विश्वविध्यालय में संस्थान के संस्थापक प्रेरणास्रोत एवं ग्वालियर एस्टेट के महाराजा श्रीमंत सर जीवाजीराव सिंधिया की 110वीं जयंती श्रद्धा एवं गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान परिसर स्थित उनकी प्रतिमा पर सिंधिया इंजीनियरिंग सोसायटी के सचिव श्री रमेश अग्रवाल जी ने माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर संस्थान के सचिव ने श्रीमंत सर जीवाजीराव सिंधिया के तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में दूरदर्शी योगदान को स्मरण करते हुए बताया कि माधव प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एमआईटीएस), सम विश्वविध्यालय, ग्वालियर की स्थापना वर्ष 1957 में तत्कालीन ग्वालियर राज्य के महाराजा परमपूज्य श्रीमंत सर जीवाजीराव सिंधिया द्वारा की गई थी। उनके दूरदर्शी नेतृत्व एवं शिक्षा के प्रति समर्पण का ही परिणाम है कि आज एमआईटीएस देश के अग्रणी तकनीकी संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संस्थान की स्थापना के समय केवल तीन स्नातक पाठ्यक्रम—सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग प्रारंभ किए गए थे । वर्तमान में संस्थान विकसित होकर 18 स्नातक (UG) कार्यक्रम, 10 स्नातकोत्तर (PG) कार्यक्रम तथा 7 से ज्यादा विषयों में पीएच.डी. कार्यक्रम संचालित कर रहा है। संस्थान में लगभग 6,000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा वर्ष 2024 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा इसे डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया। संस्थान को NAAC द्वारा A++ ग्रेड से मान्यता प्राप्त है।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने श्रीमंत सर जीवाजीराव सिंधिया के शिक्षा, राष्ट्र निर्माण एवं तकनीकी उत्कृष्टता के आदर्शों का अनुसरण करने का संकल्प लिया तथा संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार एवं समाजोपयोगी तकनीकी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। संस्थान कैलाशवासी श्रीमंत माधवराव सिंधिया के आशीर्वाद से अनुप्राणित होकर तथा महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया जी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और संस्थागत उत्कृष्टता के क्षेत्र में निरंतर नई उपलब्धियाँ अर्जित कर रहा है। कार्यक्रम में सिंधिया इंजीनियरिंग सोसायटी के सचिव रमेश अग्रवाल, शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।