चेंबर नेता व प्रत्याशियों के पुत्र भतीजे व्यापारी राजनीति का ककहरा सीख रहे
(विनय अग्रवाल)
ग्वालियर। चेंबर आफ कामर्स एंड इण्डस्ट्रीज के चुनावों में चेंबर के नेता अपने बच्चों को भी चेंबर की राजनीति का ककहरा सिखाने में लगे है, जो चेंबर के नेता अपने पुत्रों का भविष्य चेंबर की राजनीति में देख रहे है उसमे पूर्व अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, क्रियेटिव हाउस से संयुक्त अध्यक्ष का चुनाव लड़ रहे सुरेश बंसल सहित राकेश अग्रवाल रोम, संदीप नारायण अग्रवल प्रमुख हैं।
इसमें पूर्व अध्यक्ष व व्हाईट हाउस के सर्वेसर्वा अरविंद अग्रवाल ने अपने पुत्र को सहसचिव का चुनाव लड़ रहे दीपक पमनानी के साथ लगा रखा है, ताकि चेंबर का गणित व बारीकियां सीखी जा सकें। वहीं सुरेश बंसल के पुत्र व भतीजे उनकी चुनावी कमान, मैनेजमेंट व न्यूज कव्हरेज देख रहे हैं। क्रियेटिव से सचिव पद के प्रत्याशी राकेश अग्रवाल रोम के पुत्र भी उनकी पूरी प्लानिंग, प्रचार देखने में समय दे रहे हैं। यही स्थिति उपाध्यक्ष का चुनाव लड़ने वाले संदीप नारायण अग्रवाल की है। उनका भी पुत्र और भतीजा विवेक अग्रवाल पूरी कमान व प्रचार सम्हाले है। यहीं स्थिति स्वतंत्र तौर पर अध्यक्ष का चुनाव लड़ने वाले डा. प्रवीण अग्रवाल की है, उनकी भी फैमिली चुनाव में पूरा समय देकर मैनेजमेंट भी सम्हाल रही हैं। वहीं व्हाईट हाउस के अध्यक्ष प्रत्याशी पारस जैन के पु़त्र भी अपने भाई व अन्य रिश्तेदारों के साथ कार्यालय से नवीन तकनीकों का उपयोग कर प्रचार में लगे हैं।
क्रियेटिव हाउस से कोषाध्यक्ष प्रत्याशी मनोज गोयल बाबा व उनके सामने खड़े व्हाईट हाउस के अजय गोयल के भी पुत्र, भतीजे व अन्य रिश्तेदार भी प्रचार अभियान में लगे हैं। इस बार चेंबर चुनावों से यह स्पष्ट है कि प्रत्याशियों के रिश्तेदार और परिजन खुलकर चुनावी प्रचार अभियान में लगे हैं। उनके साथ जरूर दिक्कत है, जिनके रिश्तेदार दोनों ग्रुप से प्रत्याशी हैं, उन्हें खुलकर सामने आने में हिचक हैं।