एशिया की टफेस्ट और लांगेस्ट ऑब्सटेकल्स रेस के लिए डॉ.भूपेंद्र शर्मा दिल्ली रवाना
मारुति सुजुकी एरिना के तत्वाधान में 15 मार्च रविवार को दिल्ली में डेविल्स सर्किट के नाम से आयोजित होने वाली एशिया की कठिनतम और सबसे लंबी ऑब्सटेकल्स रेस में भाग लेने के लिए इंटरनेशनल माउंटेनियर एवं सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट डॉ.भूपेंद्र शर्मा रवाना हुये l वह इस रेस में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे | उल्लेखनीय है कि इस आयोजन में देश, विदेश के धुरंधर और ख्याति प्राप्त प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं |
यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की ग्वालियर फोर्ट यूनिट के उपाध्यक्ष एवं इंटरनेशनल एडवेंचर स्पोर्ट्स कोच डॉ.भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि एशिया की इस कठिनतम ऑब्सटेकल्स रेस में 5 किलोमीटर में 15 सुपर चैलेंजिंग ऑब्सटेकल्स बनाये गये हैं | जो कि इस प्रकार हैं "ब्रेन फ्रीज" यह सबसे प्रसिद्ध बाधाओं में से एक है, जिसमें प्रतिभागी 20 टन बर्फ के टुकड़़ों भरे पानी के गड्डे में कूदते हैं और उससे बाहर निकलते हैं।"मर्डर बाय मड" इसमें जाली के नीचे कीचड़ भरे पानी में रेंगना हैl "रोप रिज" 12 फीट ऊंची दीवार पर चढ़ने के लिए रस्सियों का उपयोग करना। "द समिट" यह एक चुनौतीपूर्ण ऊंची दीवार है जिस पर चढ़ने के लिए ताकत और रणनीति की आवश्यकता होती है। "कमांडो क्रॉल" जमीन के करीब बाधाओं के नीचे से रेंगकर निकलना "मंकी क्रॉल" केवल शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत का उपयोग करके रस्सियों या छड़ों पर लटक कर बाधा को पार करना। "वाटर वॉल्ट" पानी की बाधा के बीच से होकर ऊपर की ओर चढ़ना। "स्टेप अप" एक रैंप के अंत तक दौड़ना, कूदना और घंटी बजानी होती है। "पोर्टल पाथ" 6 विशेष दरवाजों के बीच से होकर गुजरना। "हाई राइज" 20 फीट ऊंची दीवार पर चढ़ना। "द अंडरपास" इसमें गोता लगाकर पानी के अंदर से गुजरना होता है। "रिवॉल्वर" एक घूमने वाली बाधा जिसे पार करना होता है। "स्काईफॉल लैडर " सीढ़ी की तरह की बाधा, जिसे चढ़कर पार करना होता है। "क्रॉल ऑफ ड्यूटी" बहुत कम ऊंचाई वाली बाधा के नीचे से रेंगकर निकलना। "बैक स्टैक" दीवारों के बीच सावधानी से आगे बढ़़ना। यह रेस सहनशक्ति, ताकत और मानसिक दृढ़ता का परीक्षण करती है | इस सुपर चैलेंज में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए रवाना होने पर लिए गुरुजनों और शुभचिंतको ने शुभकामनाएं दी है |