उक्त बात मप्र चेंबर आफ कामर्स एंड इण्डस्ट्रीज के मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल ने कही। दीपक अग्रवाल ने आज एक विशेष मुलाकात में कहा कि उन्होंने व्यापारी हित की लडाई व मुददे आगे रखने में अपना घर कारोबार तक छोड दिया है, वह रोज सुबह 10: 30 बजे सें देर सायं तक चेंबर आफ कामर्स में ही बैठकर व्यापारी हित में काम कर रहे है। यही कारण है कि चेंबर आफ कामर्स की साख अंचल में ही क्या प्रदेश देश में है।
दीपक अग्रवाल ने कहा कि 1906 से लेकर आज तक चेंबर आफ कामर्स व्यापार व व्यापारी हित में सदैव अग्रणी रहा है। हमारे सदस्य भी बढकर 3410 हो गये है, और लगातार नये सदस्य बनाने की प्रक्रिया भी जारी है। दीपक अग्रवाल ने कहा कि चेंबर हमेशा सटीक व मुददों भरे मामले उठाये है। और उन्हें यह कहने में कतई संकोच नहीं है कि हमने प्रत्येक मामले में व्यापारी हित में सफलता अर्जित की है।
डिजीटल का काम पूरा
चेंबर आफ कामर्स को नई उंचाईयां देने वाले मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने चेंबर आफ कामर्स को डिजीटल करने में सफलता अर्जित की है। अब सारे मेंबर व जानकारी डिजीटल बोर्ड में है, सवा लाख से अधिक कागजातों व फाइल को हम डिजीटल फार्मेट में ले आये है। प्रत्येक बैठक का डाटा भी डिजीटल किया गया है।
व्यापारी एकता पर ध्यान
मनसेवी सचिव दीपक अग्रवाल का कहना है कि चेंबर की सफलता व्यापारियों की एकता पर टिकी है और हमने इसे और मजबूत किया है।
नये उद्योग आयें इसका प्रयास
मप्र चेंबर आफ कामर्स का प्रयास है कि नये उद्योग व व्यापार ग्वालियर में आयें । इसके लिये हमने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव , विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर , केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समक्ष भी बात रखी है व देश प्रदेश के मंत्रियों के समक्ष भी मुददे उठाये है। दीपक अग्रवाल ने कहा कि खुशी इस बात की है कि सभी का सहयोग चेंबर आफ कामर्स को मिला है।
मुख्यमंत्री का भरपूर सहयोग
मानसेवर सचिव दीपक अग्रवाल ने इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने लगातार उद्योग व व्यापार हित में कदम उठाये है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने एमएसएमई की प्रोत्साहन नीति के तहत सब्सिडी 31 मार्च 2025 तक की देकर अपना वायदा निभाया है। इससे छोटे-बडे सभी उद्योग पतियों का विश्वास सरकार के प्रति बढा है कि मुख्यमंत्री बात के धनी है और निवेश करने पर हमें सब्सिडी वापस मिलेगी।
एक ही छत के नीचे सारे काम हों
चेंबर मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में हमारा प्रयास है कि छोटे बडे सभी उद्योगपतियों को एक ही छत या सिंगल विंडो नीति के तहत सुविधा मिले । इससे अन्य राज्यों से भी यहां निवेश बढेगा ।
एक ही काम के दो टैक्स गलत
मप्र चेंबर आफ कामर्स के मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव , नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय , उद्योग एवं लघु मध्यम उद्योग मंत्री के सामने यह मुददा उठाया है कि उद्योगों को एक ही काम के लिये दो जगह शुल्क देना पड रहा है। जैसे उद्योगों के लिये उद्योग विभाग को संधारण शुल्क देना पड रहा है व नगर निगम को प्रापर्टी टैक्स । जबकि सभी सहमत है कि एक ही टैक्स होना चाहिये। इसीलिये मुख्यमंत्री को इस पर ध्यान देना चाहिये, ताकि निवेशक यहां आकर्षित हों।
© Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur