प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ग्वालियर में सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का हुआ सफल समापन
प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, ग्वालियर में दिनांक 25 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक ‘प्रबंधन में आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों के माध्यम से शोध क्षमता में वृद्धि’ विषय पर सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों को अनुसंधान के नवीनतम उपकरणों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें प्रोत्साहित करना था। इस एफडीपी का विषय ‘द रीजेनेरेटिव माइंड: डिजाइनिंग इनोवेशन एट द क्रॉसरोड्स ऑफ एआई एंड सस्टेनेबिलिटी इन मैनेजमेंट’ रहा, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( AI) और स्थायित्व (Sustainability) के समन्वय से नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. प्रवीण अरोणकर ( FDP-Coordinator) और डॉ. प्रतिक्षा सक्सेना ( FDP-Co-Coordinator) रहे। कार्यक्रम की मार्गदर्शिका प्रो. डॉ. गरिमा माथुर ( FDP-Mentor) और संस्था की प्राचार्या प्रो. डॉ. राखी सिंह चैहान थीं।
इस सात दिवसीय कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से 110 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें कोलकाता, नासिक, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद, नोएडा, कानपुर, नागपुर, खड़गपुर, वडोदरा, इंदौर, जयपुर, वाराणसी, दिल्ली, भोपाल, मथुरा, आगरा आदि शहरों के प्रतिभागी शामिल रहे।
एफडीपी में विशेषज्ञ वक्ताओं ने सहभागिता की, जिनमें प्रमुख रूप से डॉ. नरेंद्र चैधरी (एसोसिएट प्रोफेसर, स्पर्श ग्लोबल बिजनेस स्कूल, ग्रेटर नोएडा), प्रो. डॉ. एस.एस. भाकर (ग्रुप डायरेक्टर, प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, इंदौर), डॉ. अतुल शिवा (असिस्टेंट प्रोफेसर - फायनेंस, जयपुरिया इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, नोएडा), एवं डॉ. स्मिता दयाल (प्रोग्राम चेयर - पीजीडीएम, लाल बहादुर शास्त्री इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, दिल्ली) शामिल रहे।
एफडीपी के दौरान प्रतिभागियों को अनुसंधान में AI के उपयोग, बेसिक और एडवांस SPSS, EViews तथा SmartPLS 4.0 जैसे आधुनिक सॉफ्टवेयर टूल्स का प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर 17 शोध पत्रों का विकास और प्रस्तुति की, जिन्हें आगामी समय में विभिन्न संपादित पुस्तकों में प्रकाशित किया जाएगा।