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लाडली बहिनों के लिए बजट है निराश्रितों के लिए झुनझुना भी नहीं: जौहरी

 ग्वालियर । शहर जिला कांग्रेस विकलांग कल्याण प्रकोष्ठ के जिला संयोजक ऐवं वरिष्ठ समाजसेवी ओर राष्ट्रीय शसक्त आत्मनिर्भर ट्रस्ट नई दिल्ली के राष्ट्रीय सलाहकार एवं आर टी आई ऐक्टिविस्ट अनूप जौहरी ने मध्यप्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार में वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा द्वारा 2026-27 के पेश बजट में विकलांग वृद्ध विधवा एवं परित्यागता निराश्रितों के लिए एक झुनझुना भी नहीं निकाल सके जिससे इन असहाय निराश्रितों में मध्यप्रदेश सरकार के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है जौहरी ने सरकार की इस अमानवीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा  कि मध्यप्रदेश सरकार किसी मुगालते में न रहे ऊपर बाले के यहां देर हे अंधेर  नहीं उसकी जब लाठी चलती हे तो आबाज नहीं होती सत्ता के नशे में चूर सरकारों को  कब यही निराश्रित सत्ता से उतार फेंके समय नहीं लगता मध्यप्रदेश सरकार के लिए कितने शर्म की बात हे। जिन अदर राज्यों में वी जे पी की सरकारें हे । उनमें 2026-27 के पेश बजट में विकलांग वृद्ध विधवा एवं परित्यागता निराश्रितों की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा पेंशन एक हजार से छै हजार रुपए तक की वृद्धि की हे इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती हे । मध्यप्रदेश सरकार के वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने 2026-27 के बजट पिटारे से एक भी जुझना नहीं निकाल पाए इन असहाय निराश्रितों के लिए आज 25 वर्ष से अधिक समय मध्यप्रदेश की सत्ता पर काबिज होने के बाद भी इस 25 वर्ष के इतिहास में एक भी बजट में इन निराश्रितों को हर माह दी जाने बाली मात्र छै सौ रुपए दी जाने वाली निराश्रित पेंशन में वृद्धि नहीं कर सकी इस तरह इन निराश्रितों के साथ मध्यप्रदेश सरकार इन असहाय निराश्रितों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही हे । ओर सक्षम लाडली बहिनों को अपने वोट बैंक की खातिर हर माह 1500 रुपए आर्थिक सहायता के रुप में उनके खातों में  हर माह सही समय पर भेज रही हे । ओर इन जरुरत मंद असहाय निराश्रितों के खातों में हर  महीने के आखिर मे काट छांट के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा पेंशन भेज रही हे यह सौतेला व्यवहार नहीं तो क्या है । में सरकार से पूछना चाहता हूं कि क्या इन निराश्रितों का वोट बैंक नहीं क्या यह मध्यप्रदेश के नागरिक नहीं अगर यह सभी निराश्रित मध्यप्रदेश के नागरिक नहीं ओर इनके लिए सरकार के मानवियता मर चुकी हे तो इन्हें छै सौ रुपए भी क्यों दे रही हे इनकी पेंशन बन्द करके अपनी लाडली बहिनों को 1500 + छै सौ रुपए जोड़कर 2100 रुपये करदे क्योंकि लाडली बहना इन असहाय निराश्रितों से भी ज्यादा कमजोर ओर असहाय हे । इन्हें ज्यादा आर्थिक सहायता की आवश्यकता हे । विकलांग वृद्ध विधवा एवं परित्यागता निराश्रितों को आवश्यकता नहीं । जौहरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार इन असहाय निराश्रितों को इतना भी कमजोर नहीं समझे जब इनका गुबार जिस दिन फूट गया तो सरकार धराशाई होने में समय नहीं लगेगा।

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