ग्वालियर। श्री अग्रवाल महासभा के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अग्रसेन मेले का समापन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, गरबा-डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों और मनोरंजक प्रतियोगिताओं के साथ भव्य रूप से हुआ। एन इलेवन रिसोर्ट में आयोजित मेले के दूसरे दिन समाजबंधुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कुलदेवी मां महालक्ष्मी, भगवान गणेश, कैला मैया एवं महाराजा अग्रसेन के भव्य दरबार आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। वहीं, महाराजा अग्रसेन के 18 राजकुमारों के सजीव स्वरूप ने दरबार की भव्यता को और बढ़ा दिया।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में सेवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल एवं पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल शामिल रहे। महासभा अध्यक्ष सुरेश बंसल, महामंत्री रविकुमार अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष जेसी गोयल ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मेले में आयोजित प्रतियोगिताओं ने सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘नन्हे मुन्हे हाथों में स्वाद की चाबी प्रतियोगिता से हुई, जिसमें 65 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद आयोजित पुरुष पाक कला प्रतियोगिता ने सभी को रोमांचित किया। इस अनूठी प्रतियोगिता में पुरुष प्रतिभागियों ने अपने पाक कला कौशल का प्रदर्शन कर खूब वाहवाही बटोरी। इसके पश्चात अन्नू कपूर की शैली पर आधारित रोचक अंताक्षरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें महिलाओं एवं पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही एक प्रतियोगिता देशी बाबू इंग्लिश मेम प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ प्रतियोगिता के दौरान गीत-संगीत, मनोरंजन और हंसी-खुशी का माहौल बना रहा। इन आयोजनों ने मेले को पारिवारिक मिलन और सामाजिक सहभागिता का यादगार अवसर बना दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन समन्वयक जगदीश मित्तल, शैलेश जैन, आशीष अग्रवाल एवं दिलीप अग्रवाल ने किया।
गरबा-डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
महिलाओं एवं युवतियों ने पारंपरिक गरबा-डांडिया की आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। रंग-बिरंगे परिधानों, संगीत की मधुर धुनों और तालबद्ध नृत्य ने पूरे आयोजन स्थल को उत्सवमय बना दिया। गरबा की भव्य प्रस्तुति ने मेले की रौनक में चार चांद लगा दिए। महाराजा अग्रसेन के दरबार और उनके 18 राजकुमारों की आकर्षक सज्जा ने समाजबंधुओं का ध्यान खींचा। साथ ही माँ कैला देवी दरबार और खाटू श्याम की पारंपरिक और मनोहारी सजावट ने अग्रवाल समाज की सांस्कृतिक विरासत एवं गौरवशाली परंपराओं को जीवंत कर दिया।
मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। आईएएस, नीट, यूपीएससी एवं बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित विद्यार्थियों का सम्मान कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई। इस पहल ने युवाओं को आगे बढ़ने और समाज का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
समाज की एकजुटता और सहभागिता का बना प्रतीक
महासभा के मीडिया प्रभारी ज्योति अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष अग्रसेन मेले को अधिक आकर्षक, भव्य एवं यादगार बनाने के लिए विशेष प्रयास किए गए। मेले का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाना, बच्चों एवं युवाओं की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और पारिवारिक मेल-मिलाप के साथ सामाजिक एकता को मजबूत करना था। उन्होंने कहा कि समाजबंधुओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को सफल बनाया।
आयोजन में इनका रहा विशेष योगदान
आयोजन की व्यवस्थाओं का दायित्व संयोजक ज्योति गुप्ता, गोकुल बंसल, मनोज अग्रवाल ‘बाबा’, श्याम बंसल ‘अप्पा’, अजय गोयल, सागर अग्रवाल, आशीष जैन, हिमांशु छापरिया एवं अनुराग गर्ग ने संभाला। प्रतियोगिताओं के सफल संचालन में संयोजिका रेखा अग्रवाल, कीर्ति गर्ग, ज्योति अग्रवाल, मीनाक्षी गोयल, नेहा गर्ग एवं रश्मि अग्रवाल का विशेष योगदान रहा। गरबा-डांडिया कार्यक्रम को भव्य बनाने में संयोजिका पूजा अग्रवाल तथा सह-संयोजिकाओं मुस्कान अग्रवाल, पिंकी मंगल, प्रिया अग्रवाल, लता अग्रवाल एवं नूपुर गोयल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस प्रकार, दो दिवसीय अग्रसेन मेला सांस्कृतिक रंगों, प्रतिभाओं के सम्मान, मनोरंजन और सामाजिक एकता की यादगार छाप छोड़ते हुए संपन्न हुआ।